मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि साध्वी पद्मावती प्रकरण में प्रधानमंत्री कार्यालय की साख बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर जैसा खाका खींचने का दुष्प्रचार कर देश को गुमराह किया गया है।
उन्होंने कहा कि साध्वी पद्मावती के मामले में सरकार की संवेदनहीनता की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि कोई अभी तक जिंदगी और मौत से जूझ रही साध्वी को देखने के लिए भी अस्पताल नहीं गया है।
बुधवार को मातृ सदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि एम्स दिल्ली में भर्ती साध्वी पद्मावती की स्थिति अब भी गंभीर बनी है। उन्होंने साध्वी को हरिद्वार से दिल्ली ले जाने के दौरान ग्रीन कॉरिडोर बनाने के दावे को पूरी तरह फर्जी बताया।
उन्होंने कहा कि वे इस बारे में प्रदेश सरकार को नोटिस भेजकर सही स्थिति स्पष्ट करने को कहेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर जैसी कोई व्यवस्था थी ही नहीं। सरकार से इस बारे में स्थिति स्पष्ट कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक न तो साध्वी की सुध नहीं और न ही उनकी मांगों को मानने की दिशा में कोई पहल की है।
उन्होंने कहा कि मातृ सदन के प्रतिनिधि के रूप में एक व्यक्ति ने बुधवार की सुबह केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की थी और उन्हें साध्वी का हाल बताते हुए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने सरकार और प्रशासन पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन 21 वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को मेडिकल टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। मेडिकल टीम ने उनके स्वास्थ्य को सामान्य बताया।
साध्वी पद्मावती की दून अस्पताल में जांच करने वाले डॉक्टर को उत्तराखंड महिला मंच ने बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने साध्वी के मामले में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।
महिला मंच की प्रदेश संयोजक कमला पंत ने कहा कि गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए अनशन पर बैठी साध्वी को पुलिस ने जबरन उठाया। यहां दून अस्पताल में डॉक्टर ने उनके बारे में आपत्तिजनक बातें कहीं।
यह सब घटनाक्रम बेहद शर्मनाक है। ऐसे में इन सभी लोगों पर कार्रवाई की जाए। इस दौरान जिला संयोजक निर्मला बिष्ट, शांति सेमवाल, कमलेश्वरी बडोला, पद्मा गुप्ता, कली नेगी, मातेश्वरी पंवार, सुशीला नेगी, सुमित्रा वेदवाल, हेमलता नेगी, विमला पंवार, सरला रावत, सरोजनी चमोली, सुमित्रा राणा कोटि आदि मौजूद रहीं।
साध्वी पद्मावती का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक सभी की नजर एम्स में भर्ती साध्वी पद्मावती की ओर लगी हुई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में भी साध्वी के स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
दिनभर सरकारी अमला, मातृ सदन दिल्ली की गतिविधियों का अपडेट लेता रहा। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि प्रशासन मातृ सदन के संतों को हरसंभव सहयोग देने को तत्पर है। साध्वी का जीवन सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन अपनी ओर से हरसंभव प्रयास करेगा। नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी एम्स प्रशासन को साध्वी के उपयुक्त स्वास्थ्य को लेकर पत्र लिखा है।