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साध्वी पद्मावती की तबीयत खराब होने पर शिवानंद ने लगाया आरोप, कहा - सरकार रच रही साजिश

Mon, 17 Feb 2020 08:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • पत्रकार वार्ता में बोले, उत्तराखंड के किसी अस्पताल में नहीं कराएंगे इलाज
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स्वामी शिवानंद - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रदेश सरकार पर अनशनकारी संतों के खिलाफ गहरी साजिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और हरिद्वार के डीएम व एसएसपी को हटाने की मांग की है।

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उन्होंने कहा कि साध्वी पद्मावती पूरी तरह स्वस्थ थीं। 30 जनवरी को उन्हें जबरन उठाकर दून अस्पताल ले जाने के बाद कोई ऐसा पदार्थ खिलाया गया जिससे उनका स्वास्थ्य खराब हुआ। साथ ही मातृसदन के गेट पर उनके नाम से नोटिस चस्पा करने से भी वे सदमे में चली गई। 

सोमवार की देर शाम मातृ सदन परिसर में पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि हरिद्वार की सीएमओ, एसडीएम और चिकित्सक सब आपस में मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखंड के किसी भी अस्पताल में अपने आश्रम के किसी भी संत का इलाज नहीं कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनका किसी पर भरोसा नहीं। इसकी वजह यह है कि सरकार खुद ही साजिश रचने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले ब्रह्मचारी निगमानंद और स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद को इलाज के नाम पर उठा कर उनकी हत्या कर दी गई है।

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मातृसदन से संवाद करना उचित नहीं समझा

उन्होंने कहा कि देहरादून के जिलाधिकारी रहते हुए सी. रविशंकर ने 30 जनवरी की रात को तो पद्मावती को मेडिकल परीक्षण के लिए दून अस्पताल में रुकवा लिया था लेकिन उन्हें हरिद्वार आए करीब दो सप्ताह से ज्यादा समय हो गया है, उन्होंने एक बार भी मातृसदन से संवाद करना उचित नहीं समझा। इसी से लगता है कि प्रशासन की मंशा ठीक नहीं है। 

प्रशासन लगातार मातृ सदन के संतों से आग्रह कर रहा है कि अनशन समाप्त कर दिया जाए। सोमवार सुबह साध्वी पद्मावती की तबीयत खराब होने पर उन्हें निजी एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की सूचना मिली थी। प्रशासन चाहता था कि ऋषिकेश एम्स में इलाज कराया जाए, लेकिन जब संतों ने इनकार किया तो कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली भिजवाया गया है। रास्ते में जितने भी जिले पड़ते हैं वहां के जिलाधिकारियों से आग्रह किया गया है कि यदि जरूरत पड़े तो आकस्मिक रूप से अपने यहां इलाज कराए जाने की व्यवस्था करने। कहीं जाम में न जूझना पड़े इसके लिए अतिरिक्त वाहन साथ भेजा गया। चिकित्सक को भी साथ में भेजा गया है।
- सी रविशंकर, जिलाधिकारी हरिद्वार
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