देहरादून के प्रसिद्ध उद्यमी एवं मंदिर समिति से जुड़े ग्राम दुधऊ निवासी आनंद सिंह चौहान, जयपाल सिंह चौहान कैप्टन चंद्र सिंह, संतराम चौहान, गंगू दास, केदार सिंह, मोहन सिंह आदि ने बताया की बलि प्रथा बंद करने का निर्णय क्षेत्र वासियों ने स्वयं की पहल पर लिया है।
इसमें मंदिर के पुजारी संतराम भट्ट और वजीर टीकम सिंह चौहान ने भी सहमति दे दी है। क्षेत्रवासियों की इस पहल को अधिवक्ता क्षमा शर्मा और महासू देवता मंदिर समिति हनोल के सदस्य जितेंद्र सिंह चौहान आदि ने सराहनीय कदम बताया है।
हर रोज तीन से चार बकरों की दी जाती है बलि
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में सदियों से बलि प्रथा चली आ रही थी। मंदिर में हर रोज करीब तीन से चार बकरों की बलि दी जा रही थी, लेकिन क्षेत्र के लोगों की इस पहले से इस प्रथा पर रोक लगेगी।