पर्वतारोहण के क्षेत्र में रिकार्ड कायम कर रही उत्तराखंड की जुड़वां बहनों ताशी-नुंग्शी को भारतरत्न सचिन तेंदुलकर खास तोहफा देने वाले हैं।
सचिन ने दोनों बहनों से मुलाकात के दौरान तोहफे का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि सरप्राइज जल्द मिलेगा।
सचिन ने दुनिया की सात सबसे ऊंची चोटियों में से छह फतह कर चुकी बहनों की हौसलाअफजाई करते हुए अपने खेल जीवन के अनुभव साझा किए।
बुधवार को सचिन तेंदुलकर के बुलावे पर ताशी-नुंग्शी पिता वीरेंद्र सिंह मलिक संग उनके बांद्रा स्थित आवास पहुंचे। करीब एक घंटे की मुलाकात में सचिन ने ताशी-नुंग्शी से पर्वतारोहण की दुश्वारियों, कठिनाइयों को जाना।
मिशन टू फार सेवेन की ली जानकारी
सचिन ने ताशी-नुंग्शी से कहा कि जिस तरह क्रिकेट में कोई मैच जीतने के बाद अगले मैच में भी उसी लय को बरकरार रखना आसान नहीं होता। उसी तरह की परिस्थितियां पर्वतारोहण में भी सामने आती हैं।
एक गलत शॉट से क्रिकेटर विकेट गवां देता है, उसी तरह पर्वतारोहण में एक गलत कदम सब कुछ खत्म कर सकता है। सचिन ने दोनों बहनों से उनके मिशन टू फॉर सेवन के बारे में जानकारी ली।
सचिन ने पर्वतारोहण जैसे खेल में फंडिंग न मिल पाने की मुश्किल को भी स्वीकार किया। उन्होंने दोनों बहनों को मिशन टू फॉर सेवन की आखिरी चोटी फतह करने के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
क्या है मिशन टू फॉर सेवन?
जुड़वां बहनों ताशी-नुंग्शी ने दुनिया की सात चोटियों को फतह करने के अभियान को मिशन टू फॉर सेवन नाम दिया है। अब तक ये बहनें नेपाल में माउंट एवरेस्ट, दक्षिण अफ्रीका में माउंट किलिमंजारो, यूरोप मे माउंट अकांकागुआ, आस्ट्रियन एशिया में माउंट कास्ट्रेंज पिरामिड, उत्तरी अमेरिका में माउंट मेकिनली को फतह कर चुकी हैं।
खास बात यह है कि माउंट मेकिनली को छोड़ बाकी सभी चोटियां दोनों बहनों ने पहले ही प्रयास में पार कर डाली थीं। अब उनका आखिरी लक्ष्य अंटार्कटिका की बिनसन मेसेस चोटी है। जल्द ही दोनों बहनें इसे फतह करने निकलने वाली हैं।
ये है मिशन 2 फॉर 7
एवरेस्ट(नेपाल), किलिमंजारो(दक्षिण अफ्रीका), एल्ब्रुस(यूरोप), अकंग कगवा(दक्षिण अमेरिका), कर्सटेन पिरमिड(ऑस्ट्रन एशिया), माउंट मेकिनली(उत्तरी अमेरिका), बिनसन मेसेस(अंटार्कटिका)
ये हो चुके फतह-(पहली बार में ही)
एवरेस्ट, किजिमंजारो, एल्ब्रुस, अकंग कगवा, कर्सटेन पिरमिड