उत्तराखंड के करीब 196 छात्र अब भी यूक्रेन व उसके सीमावर्ती इलाकों में फंसे हुए हैं, उन्हें वहां से निकालने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कोशिशें जारी हैं। वहीं, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में ही उत्तराखंड के करीब 70 छात्रों के फंसे होने की सूचना है।
राज्य सरकार के एक्शन में आने के बाद राज्य के छात्रों की लोकेशन का तेजी से पता लगाया जा रहा है। शासन के निर्देश पर अधिकारियों, छात्रों व उनके परिजनों के लिए बने तीन व्हाट्सअप ग्रुप की सूचनाओं से छात्रों की जो लोकेशन मिल रही है, वहां उनसे संपर्क कर वापस लाने की कोशिशें हो रही हैं।
यूक्रेन में उत्तराखंड राज्य के कुल फंसे छात्रों में से सबसे अधिक देहरादून जिले के 86 छात्रों की सूचना प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 46 छात्रों को सकुशल वापस लाया जा चुका है। अब भी सात छात्र यूक्रेन में फंसे हैं जबकि 23 छात्रों की लोकेशन पड़ोसी देशों में होने की सूचना मिली है।
सबसे ज्यादा छात्रों ने रोमानिया में ली शरण
यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में फंसे 126 छात्रों में से सबसे अधिक 56 छात्रों ने रोमानिया में शरण ली है। 34 छात्रों के पोलैंड, 23 के हंगरी, छह छात्रों के चेकोस्लावाकिया में फंसे होने की सूचना है। इनके अलावा दो छात्र मास्को, एक-एक छात्र बर्लिन, बुका रेस्ट, बुडा पेस्ट, दो छात्र रूस में फंसे हैं।
हंगरी बॉर्डर पर 15 छात्रों के फंसे होने की सूचना
राज्य सरकार को सूचना मिली है कि उत्तराखंड के 15 छात्र हंगरी बॉर्डर पर फंसे हैं। विदेश मंत्रालय की मदद से इन छात्रों की लोकेशन साझा कर इनकी सकुशल वापसी के प्रयास हो रहे हैं। पांच छात्र पोलैंड बॉर्डर व नौ छात्र रोमानिया बॉर्डर पर फंसे हैं। 16 छात्रों के अज्ञात स्थलों पर भी फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है। राज्य सरकार ने इन सभी सूचनाओं को नई दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त कार्यालय के माध्यम से विदेश मंत्रालय से साझा किया है।
कितने छात्र फंसे, कितने लौटे
जनपद वापसी फंसे कुल
चमोली 01 03 04
देहरादून 46 40 86
चंपावत 04 02 06
हरिद्वार 26 32 58
यूएसनगर 17 43 60
पौड़ी 07 14 21
रुद्रप्रयाग 02 03 05
अल्मोड़ा 01 03 04
बागेश्वर 00 00 00
उत्तरकाशी 01 06 04
पिथौरागढ़ 04 03 07
टिहरी 04 29 33
नैनीताल 11 18 29
यूक्रेन में फंसे हुए उत्तराखंड के 317 छात्रों की सूचना अब तक हमें प्राप्त हो चुकी है। इनमें 126 छात्रों के यूक्रेन के आसपास के देशों में पहुंचने की जानकारी है। सभी छात्रों की सकुशल वापसी के लिए प्रयास जारी हैं। तीन व्हाट्सअप ग्रुप बनाए गए हैं। इन सभी ग्रुपों में उच्चाधिकारियों से लेकर डीएम व कप्तान और छात्रों के परिजन जुड़े हैं। इनसे काफी मदद मिल रही है। सभी सूचनाएं विदेश मंत्रालय से साझा की जा रही हैं।
- आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव, गृह