गोमुख घूम कर लौट रहे रूसी पर्यटकों से भरा एक टैंपो ट्रैवलर गंगोत्री हाईवे पर हर्षिल के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर भागीरथी में जा समाया।
हादसे में एक महिला समेत दो विदेशी पर्यटकों की मौत हो गई और एक वाहन के साथ भागीरथी में बह गया। नदी के तेज बहाव में वाहन और लापता पर्यटक का कुछ पता नहीं चल पाया है।
वाहन चालक समेत शेष 10 घायलों को हेलीकॉप्टर से देहरादून ले जाया गया।
दो की मौत, एक नदी में बहा
इस्कॉन से जुड़े विदेशी पर्यटकों का 45 सदस्यीय दल आजकल उत्तरकाशी भ्रमण पर आया हुआ था। आठ जून को ये लोग गंगोत्री गोमुख घूमने गए। मंगलवार को सभी पर्यटक चार वाहनों में सवार होकर गंगोत्री से लौट रहे थे।
हर्षिल और झाला के बीच इनमें से एक टैंपो ट्रैवलर (संख्या यूके/07-पीसी-1870) संकरे मोड़ पर अनियंत्रित होकर हाईवे से नीचे भागीरथी की ओर लुढ़क गया।
इसी दौरान देवदार के बड़े पेड़ से टकराकर वाहन की बॉडी टूटने से चालक समेत 12 लोग छिटक कर नदी किनारे पहाड़ी जा गिरे। जबकि एक पर्यटक प्रोकोप्येव (27 वर्ष) पुत्र व्लादिमिर गाड़ी के साथ गंगा भागीरथी के तेज बहाव में बह गया।
नदी किनारे छिटके ल्यूस्किन (36) पुत्र एलेक्जेंडर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि मुश्युक (55) पत्नी राइमा की उपचार के दौरान मौत हो गई।
घायलों को हेलीकॉप्टर से देहरादून पहुंचाया
हादसे की सूचना मिलते ही डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी और एसपी जीआर जोशी बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे।
हादसे में घायल वाहन चालक ऋषिकेश निवासी सुभाष और पर्यटक अलयिस्की, ल्यूस्किना, बचिन्स्कया, मख्तरूलिना, बुश्यूएवा, तिगुंसेवा, पोल्शिन्स्की, मखियावोवा एवं ग्रिबोवा को हेलीकॉप्टर की मदद से जौलीग्रांट देहरादून पहुंचाया गया।
इनसे से कुछ की हालत गंभीर बतायी जा रही है। सभी पर्यटक रूस के रहने वाले हैं।
गढ़वाल के जवानों ने किया रैस्क्यू
हादसे का पता चलते ही हर्षिल में तैनात 5 गढ़वाल राइफल्स के जवानों ने कर्नल प्रदीप सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
जवानों ने पहाड़ी की ढाल पर गिरे घायलों को तत्काल हर्षिल आर्मी के अस्पताल में पहुंचाया। हर्षिल के सरकारी अस्पताल में तैनात डॉ. कुलवीर राणा ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया।
सीएम ने दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हादसे पर दु:ख जताते हुए जिला प्रशासन को घटना की जांच और घायलों के बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।