कान और नाक के माध्यम से भी पनपता है संक्रमण
चिकित्सक डॉ. भंडारी के मुताबिक पैरासाइट बैक्टीरिया कान और नाक के माध्यम से भी मस्तिष्क तक पहुंच सकता है जो ट्यूबरकुलर मैनिन्जाइटिस संक्रमण पैदा करता है। बैक्टीरिया पहले कान में ओटाइटिस संक्रमण पैदा करता है। लंबे समय तक कान में संक्रमण रहने से वह सीधे मस्तिष्क में प्रवेश कर जाता है।
यह है पैरासाइट बैक्टीरिया
पैरासाइट बैक्टीरिया किसी दूसरे जीवित जीव के अंदर या उस पर रहकर अपना भोजन प्राप्त करते हैं। बैक्टीरिया जिस जीव से भोजन प्राप्त करते हैं वे उसे काफी नुकसान पहुंचाते हैं। अगर दूसरे शब्दों में कहें तो बैक्टीरिया वे परजीवी होते हैं जो अपने जीवन चक्र को पूरा करने के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहते हैं। यह मनुष्य के शरीर में पहुंच कर रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं जो कई तरह की बीमारियों के कारण बनते हैं।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: स्कूलों की प्रार्थना सभा में आज से बच्चे पढ़ेंगे श्रीमद्भगवद् गीता, समझेंगे वैज्ञानिक दृष्टिकोण
बचाव के उपाय
1- मास्क का इस्तेमाल करें
2- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं
3- आद्रता वाली जगहों पर जाने से बचें