राज्य में चल रही अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के बीच शुक्रवार को देर रात तक चर्चा रही कि सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। वहीं, शुक्रवार को ही राज्य सरकार ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली। दूसरी ओर शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश की जानकारी होने से इनकार किया है।
राज्य सरकार ने 12 दिसंबर को प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के 4910 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। प्रवक्ता के 4076 पदों पर 46513 और सहायक अध्यापक एलटी के 834 पदों पर 20770 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसके बाद विभाग ने सभी जिलों की विषय व संवर्गवार मेरिट लिस्ट विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी। साथ ही सभी अभ्यर्थियों को अगले दो दिनों के भीतर संबंधित जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराने का समय दिया। विभाग ने इस बार पहले ही विद्यालयों में विषयों के रिक्त पदों की सूची तैयार कर ली थी। जिसके आधार पर शिक्षकों की तैनाती भी कर दी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संबंध में अभी हमें कोई जानकारी नहीं मिली है। न्यायालय का आदेश प्राप्त होते ही उसका अनुपालन किया जाएगा।
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अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड
कुल 5426 पद खाली
प्रदेश में प्रवक्ता व सहायक अध्यापक एलटी के कुल 5426 पद खाली हैं। प्रवक्ता के 917 रिक्त पदों पर राज्य लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया चल चल रही है। वहीं, 1949 पदों पर मौलिक पदोन्नति की कार्यवाही चल रही है। दूसरी ओर सहायक अध्यापक एलटी के 1214 पदों पर भर्ती प्रक्रिया राज्य अधीनस्थ चयन आयोग ने पूरी कर ली है। वर्ष 2014 की विज्ञप्ति के अनुसार राज्य आंदोलनकारियों के लिए आरक्षित 296 पदों पर प्राविधिक शिक्षा परिषद ने सामान्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी है। 30 प्रतिशत पदोन्नति कोटे के तहत 646 पदों पर मंडल स्तर पर पदोन्नति की कार्यवाही चल रही है।