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रुद्रपुर: दो बेटों की मौत से परिजनों का गुस्सा फूटा, परिजनों किया हंगामा, एंबुलेंस चालक का सिर फटा 

Sat, 03 Oct 2020 12:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
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परिजनों और रिश्तेदारों ने हंगामा कर अस्पताल का गेट बंद कर दिया - फोटो : amar ujala
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रुद्रपुर शहर के एक निजी अस्पताल में हादसे के बाद घायल दो सगे भाइयों की सात दिन के अंतराल में हुई मौत से आक्रोशित परिजनों और रिश्तेदारों ने हंगामा कर अस्पताल का गेट बंद कर दिया। आक्रोशित लोगों ने एंबुलेंस का शीशा तोड़ दिया। तोड़फोड़ में एंबुलेंस चालक का सिर फट गया। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।  

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सिरसा फार्म, बहेड़ी निवासी दो भाइयों बलवीर सिंह (22) और हरजिंदर सिंह (18) पुत्र महेंद्र सिंह की बाइक को 25 सितंबर को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों भाइयों को इलाज के लिए मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कुछ घंटों के बाद हरजिंदर की मौत हो गई थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान बड़े भाई बलवीर की भी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही भड़के परिजनों और रिश्तेदारों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए गेट बंद कर दिया। 

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर 10 लाख रुपये लेने और लापरवाही का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि उनके दूसरे बेटे की भी पहले ही मौत हो चुकी थी लेकिन डॉक्टर बिल बढ़ाने के लिए उसे जिंदा बताते रहे।
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हंगामे की सूचना मिलने पर एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, सीओ अमित कुमार, कोतवाल एनएन पंत ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। मामला शांत होने के बाद बलवीर के शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस जा रही एंबुलेंस पर कुछ लोगों ने पत्थर मारकर इसके शीशे तोड़ दिए।

इस दौरान एंबुलेंस चालक नवीन भी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए लोगों को शांत कराया। कोतवाल ने बताया कि परिजनों को इलाज के बिल को लेकर आपत्ति थी। इस कारण उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों को 30 हजार रुपये वापस कराने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। 

दोनों भाइयों को बेहद गंभीर हालत में इलाज के लिए लाया गया था। एक भाई की मौत कुछ घंटों बाद ही हो गई थी, जबकि दूसरे की मौत शुक्रवार सुबह हुई। मृत्यु के बाद भी जिंदा बताकर रुपये लेने और इलाज के नाम पर 10 लाख रुपये लेने के आरोप निराधार हैं। शुक्रवार को दम तोड़ने वाले युवक के इलाज का एक लाख 47 हजार रुपये का बिल था। परिजनों से एक लाख 25 हजार रुपये ही लिए गए थे। उसमें से भी 30 हजार रुपये वापस कर दिए गए थे। कुछ लोगों ने साजिशन अस्पताल में हंगामा कराया था। - राहुल चंद, निदेशक, मेडिसिटी अस्पताल

बलवीर का पांच माह पहले ही हुआ था विवाह 

मृतक बलवीर का पांच महीने पहले ही विवाह हुआ था। पति की मौत के बाद पत्नी बलजीत कौर बदहवाश है। दोनों बेटों को खोने के बाद पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों ने बताया कि बलवीर और हरजिंदर की तीन बहनें हैं। बेटों का इलाज कराने के लिए उन्हें जमीन तक बेचनी पड़ी थी। 

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अस्पताल में तोड़फोड़ करने के लिए उकसाने का आरोप

मेडिसिटी अस्पताल के सुपरवाइजर हितेश पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि 25 सितंबर की रात बलबीर सिंह निवासी सिरसा को हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनके रिश्तेदारों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। बलबीर की गंभीर हालत के बारे में परिजनों को पहले ही बता दिया गया था। अथक प्रयास के बावजूद शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे बलबीर को नहीं बचाया जा सका।

इसकी सूचना तुरंत परिजनों को दे दी गई थी। इसके बाद मृतक का रिश्तेदार अपने साथियों के साथ अस्पताल में हंगामा करने लगे थे। आरोपियों ने स्टाफ के साथ बदतमीजी की। एक व्यक्ति ने लोगों को अस्पताल में तोड़फोड़ और मारपीट के लिए उकसाया था। सूचना पर पुलिस ने बल प्रयोग कर लोगों को वहां से हटाया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे अस्पताल की एंबुलेंस से बलबीर के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा था।

अस्पताल गेट से कुछ दूरी पर लोगों ने एंबुलेंस को रुकवाकर उसमें तोड़फोड़ की। चालक नवीन को सड़क पर गिराकर बुरी तरह पीटा गया और और सिर पर डंडे से वार कर दिया। स्टाफ ने नवीन को आरोपियों से छुड़वाकर अस्पताल में लाकर मरहम पट्टी की। नवीन के सिर पर तीन टांके आए।

उन्होंने तहरीर के साथ ही सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपकर आरोपियों पर कार्रवाई करने के साथ ही इन लोगों से जानमाल का खतरा बताया है। एसएसआई कुलदीप अधिकारी ने बताया कि मेडिसिटी अस्पताल की ओर से तहरीर मिली है। इसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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