ये था मामला
बृहस्पतिवार की सुबह 10:30 बजे आयकर विभाग लखनऊ के डिप्टी कमिश्नर पीएस पंचपाल, आयकर अधिकारी मुकेश कुमार व दीपक कुमार की मौजूदगी में टीम की ओर से छापा मारा गया था। चार दिन में टीम ने फर्नीचर कारोबारी गुलशन नारंग के गल्ला मंडी स्थित नारंग फर्नीचर मार्ट, सिविल लाइंस स्थित आवास, उनके बेटे रोनिक नारंग और उनके साझेदार सौरभ गाबा के मॉडल कालोनी स्थित विनायक प्लाई कार्यालय व एलाइंस कालोनी में सौरभ के आवास पर छापा मारा था। टीमों ने गुलशन के साथ ही उनके घर पर मौजूद पारिवारिक सदस्यों से विनायक प्लाई और विनायक ट्रांसपोर्ट कारोबार, बैंक खातों, संपत्ति के साथ ही लेन देन की जानकारी ली थी।
रविवार को टीम के लौटने के बाद फर्नीचर कारोबारी गुलशन नारंग ने बताया कि टीम के अधिकारियों ने सामान्य प्रक्रिया के तहत पेपर देखे। आयकर विभाग की टीम जो सोचकर आई थी वो कुछ नहीं मिला। घर से 3.30 लाख रुपये, पूरे नारंग परिवार के पास से करीब 31 लाख रुपये की ज्वैलरी और दुकान से सिर्फ 580 रुपये मिले। लॉकर के सामान व डॉक्यूमेंट चेक किए। इस पर टीम ने अधिवक्ता को गवाह बनाते हुए बरामद नगदी व जेबरात की सूची बनाई और हस्ताक्षर कराने के बाद नगदी व जेबरात वापस दे गए। जबकि रोनिक का मोबाइल और लैपटॉप की हार्डडिस्ट जांच के लिए ले गए। जो कल वापस मिल जाएंगे। गुलशन नारंग ने आयकर विभाग के छापे के पीछे साजिश व किसी की शरारत होना बताया। इधर मॉडल कॉलोनी स्थित विनायक प्लाई और एलाइंस कॉलोनी में सौरभ गाबा के घर से भी टीम कार्यवाई के बाद लौट गई थी।