वहीं, सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ। रेंजर एच.एस. रावत ने बताया कि छह सदस्यीय टीम को क्षेत्र में भेज दिया गया है। मौके पर फॉरेस्टर गौरव भट्ट एवं फॉरेस्ट गार्ड ऋषिराज मौजूद रहे।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए यूकेडी जिला अध्यक्ष सूरत सिंह झिंकवाण ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया और वन्यजीवों के बढ़ते हमलों पर ठोस कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।