भाजपा में गुटबाजी के चलते जिले के प्रभारी एवं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के स्वागत कार्यक्रम में हंगामा हो गया। हंगामा बढ़ता देख कौशिक स्वागत और कार्यकर्ताओं को संबोधित किए बिना कार्यक्रम से उठकर चले गए। उनके साथ जिला एवं प्रदेश पदाधिकारी भी चले गए।
दरअसल, बृहस्पतिवार को प्रभारी मंत्री मदन कौशिक के जिले में पहली बार आगमन पर भाजपाइयों ने स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया था। कौशिक के कार्यक्रम में आने पर उनके साथ चल रहे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विनय रोहेला भी मंच पर बैठ गए। उनको मंच पर बैठा देख कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने विनय रोहेला पर विधानसभा चुनाव में भितरघात करने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। ‘रोहेला वापस जाओ, वापस जाओ’ के नारे लगाने लगे।
कैबिनेट मंत्री कौशिक ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। हंगामा बढ़ता देख मंत्री कौशिक स्वागत और कार्यकर्ताओं को संबोधित किए बिना कार्यक्रम छोड़कर चले गए। उनके साथ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजू भंडारी, भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष खिलेंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, जिला मंत्री मनोज पाल, नगराध्यक्ष बलराम तोमर, नगर महामंत्री सुदेश भी चले गए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सभा कर अपने विचार रखे। साथ ही विनय रोहेला को भितरघाती बताकर भाजपा से निकाले जाने की मांग की। वहां पर भाजपा नेता सुरेंद्र चौहान, वीरेंद्र चौहान, विजय मक्कड़, रवि साहनी, चौधरी बृजवीर सिंह, दूल्हे खां, संजो देवी, अंकुर सक्सेना आदि थे।
जब तक सुलह नहीं होती, जसपुर नहीं आऊंगा : कौशिक
जसपुर में पार्टी के दो गुटों में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के सामने ही हंगामे करने को लेकर कौशिक बेहद नाराज हैं। जिले के प्रभारी मंत्री ने कहा कि जब तक दोनों गुट आपस में सुलह नहीं कर लेते हैं, वह जसपुर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा बड़ा परिवार है, उसमें मामूली मतभेद होने सामान्य बात है, लेकिन सुलझाए भी जाने चाहिए।
भाजपा में पहली बार सामने आई गुटबाजी
जसपुर में आज तक ऐसा नहीं हुआ कि कोई कैबिनेट मंत्री आया हो और उनके कार्यक्रम में हंगामा हुआ हो। यह पहली बार हुआ कि जसपुर के भाजपा कार्यकर्ता किसी बात को लेकर नाराज दिखे और उन्होंने जमकर हंगामा किया। इससे एक बात साबित होती है कि जसपुर में भाजपा में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है, जिसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ सकता है। दरअसल भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विनय रोहेला मूल रूप से रुड़की के निवासी हैं और एक दशक से जसपुर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। दो बार भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी कर चुके हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन भाजपा कार्यकर्ता आदेश चौहान से भी उनका बाहरी होने को लेकर विवाद हुआ था।
इसके बाद टिकट आदेश चौहान को मिला था, लेकिन आदेश चौहान चुनाव हार गए थे। इसके बाद वर्ष 2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल शामिल हुए थे। उनकी टिकट की दावेदारी चलते एक बार फिर विनय रोहेला भाजपा के टिकट से वंचित हो गए थे। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर ली थी, किंतु तत्कालीन भाजपा प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू के समझाने पर वह विधानसभा क्षेत्र छोड़कर देहरादून चले गए थे। भाजपा प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल कुछ वोटों से चुनाव हार गए थे। कार्यकर्ताओं ने विनय रोहेला पर चुनाव में भितरघात करने का आरोप लगाया था। तभी से भाजपा कार्यकर्ताओं में गुटबाजी है। इसी गुटबाजी के चलते शहरी विकास मंत्री के स्वागत कार्यक्रम में हंगामा हुआ और मंत्री कौशिक को कार्यक्रम छोड़कर जाना पड़ा।