इसे लेकर दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और बात धक्कामुक्की तक पहुंच गई। विवाद बढ़ता देख दोनों के सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने बीच बचाव कर किसी तरह मामले को शांत कराया।
सरकार की योजनाएं लोगों तक पहुंचाना मेरा काम है और कार्यक्रम में इसकी ही जानकारी लोगों को दी जा रही थी, लेकिन कांग्रेस विधायक नहीं चाहते कि जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले।
-शमीम आलम, अध्यक्ष हज कमेटी
हज समिति के अध्यक्ष लोगों को धमका रहे थे, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा था। टीकाकरण में देरी के कारण भीड़ और बढ़ रही थी। मैं मंच पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन हज समिति के अध्यक्ष ने माइक छीन लिया। इससे लोगों को गुस्सा आ गया। उन्हें किसी तरह समझाकर शांत कराया। मैंने कोई गालीगलौज या बदतमीजी नहीं की। बाकी जांच में सब सामने आ जाएगा।
-फुरकान अहमद, विधायक कलियर
हज यात्रा पर जाने से पहले लोगों को टीकाकरण कराना अनिवार्य होता है। सोमवार को हज हाउस में आयोजित टीकाकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के करीब 655 चयनित हज यात्रियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत अब्दुल मजीद ने किरात के साथ की। कार्यक्रम में हज कमेटी अध्यक्ष शमीम आलम ने मुबारकबाद पेश करते हुए हज यात्रियों को हज के अहकाम बताए और कहा कि यह बहुत पाक सफर है। हर चीज का एहतमाम रखें।
इस यात्रा में कोई छोटा-बड़ा, अमीर-गरीब नहीं है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे 20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष नरेश बंसल ने हज पर जाने वालों को मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि यह पाक सफर है। सभी की यात्रा कामयाब हो। वह जाकर इबादत करें और अपने देश-प्रदेश के लिए भी दुआ करें। हज समिति के अध्यक्ष शमीम आलम ने बताया कि सभी हज यात्रियों का बीमा भी कराया गया है।
हज यात्रियों के लिए पहली फ्लाइट 10 जुलाई को
हज के पाक सफर की शुरुआत 10 जुलाई से होगी। इस बार राज्य से 1556 हाजी हज पर जा रहे हैं। हज सिमिति के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद मीसम ने बताया कि पहली फ्लाइट 10 जुलाई को है, जिसमें राज्य के 422 यात्री रवाना होंगे। 11 जुलाई को दो फ्लाइट हैं, जिसमें 643 यात्री रवाना होंगे। 12 जुलाई को एक फ्लाइट से 421 यात्री रवाना होंगे। 15 जुलाई की फ्लाइट में 51 यात्री पाक सफर पर जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ यात्रियों की फ्लाइट जल्द क्लियर हो जाएगी। उत्तराखंड के सभी यात्री 18 जुलाई तक रवाना हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि हज यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए दिल्ली हज मंजिल पर कैंप कार्यालय खोला जाएगा। हज समिति अध्यक्ष सहित पूरा स्टाफ दिल्ली हज मंजिल कैंप कार्यालय पर मौजूद रहेगा। हज मंजिल से सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हज यात्रियों को बसों से हवाई अड्डा पहुंचाया जाएगा।