सूचना का अधिकार (आरटीआई) की शिकायतों के निपटारे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सूचना आयोग शिकायतों का तीन माह के भीतर निस्तारण करेगा। ताकि लोगों को सुनवाई के लिए आयोग के चक्कर न लगाना पड़ें।
विभिन्न विभागों के पास आरटीआई आवेदनों की संख्या हर साल बढ़ रही है। जिससे आयोग के पास भी शिकायत पत्र और द्वितीय अपीलों के मामले बढ़ रहे हैं।
आरटीआई से संबंधित शिकायतों और अपीलों के मामलों का निस्तारण करने में ज्यादा समय न लगे, इसके लिए आयोग मामलों की सुनवाई शुरू करने के तीन माह के भीतर निपटारा करेगा। इससे सुनवाई के लिए बार-बार आयोग के चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा। साथ ही समय और धन की बचत भी होगी।
इसके अलावा आरटीआई की धारा-18 के तहत प्राप्त शिकायतों में संबंधित विभाग आदेशों का पालन नहीं करता है तो आयोग शिकायत की जांच के आदेश भी देगा। आयोग की कोशिश है कि अपील के मामले छनकर आएं। अगर विभागीय स्तर पर सही सूचना दी जाती है तो आयोग के पास अपील में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।