वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के लागू होने के बाद व्यापारियों और उद्यमियों को रिटर्न फाइल करने के लिए पेपर वर्क के झंझट से छुटकारा मिलेगा। टैक्स जमा करवाने के लिए कोई फार्म या अन्य कागजी काम नहीं होगा। जीएसटी में सारे काम पेपर लेस होंगे।
अब ऑनलाइन सिस्टम से ही कारोबारियों को हर महीने रिटर्न जमा करनी होगी। अभी तक वैट प्रणाली में तिमाही रिटर्न जमा करना पड़ता है। एक जुलाई से जीएसटी प्रणाली लागू होने की पूरी संभावना है। इस प्रणाली के बाद पूरे देश में एक ही टैक्स लगेगा।
जीएसटी के दायरे में दस लाख से अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारी व उद्यमी ही आएंगे। जीएसटी में 10 लाख से ज्यादा कारोबार करने वाले व्यापारियों का ही पंजीकरण किया जा रहा है। राज्य में अब तक 78 प्रतिशत व्यापारियों व उद्यमियों का पंजीकरण करवाया जा चुका है। प्रदेश में लगभग एक लाख व्यापारी व उद्यमी हैं। जो दस लाख से अधिक का सालाना कारोबार करते हैं।
रिटर्न जमा करने में व्यापारियों को होगी सुविधा
वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि जीएसटी में ऑनलाइन ही सब काम होने से पेपर वर्क खत्म हो जाएगा। इससे व्यापारियों और उद्यमियों को भी रिटर्न फाइल करने में सुविधा होगी।