न समय पर मुफ्त किताबें मिलीं न दाखिले हो रहे
शिक्षा विभाग में इस साल सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा लाखों छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है। छात्रों को अब तक मुफ्त किताबें नहीं मिलीं, जबकि आरटीई के तहत अपवंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों के दाखिले के लिए भी अब तक आवेदन नहीं मांगे गए हैं।
आरटीई के तहत इन बच्चों का होता है निजी स्कूलों में दाखिला
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में कोटे की 25 प्रतिशत सीटों पर समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों का दाखिला होता है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, तलाकशुदा, एचआईवी पॉजिटिव आदि बच्चे वंचित वर्ग में आते हैं जबकि ऐसे अभिभावक जिनकी अधिकतम वार्षिक आय 55 हजार एवं उससे कम होती है एवं बीपीएल वर्ग के बच्चे कमजोर वर्ग में आते हैं।
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शिक्षा सचिव और शिक्षा महानिदेशक दोनों को निर्देश दिया गया है कि आरटीई के तहत पिछले साल जिस तरह से बच्चों के दाखिले हुए इस साल भी उसी प्रक्रिया को अपनाया जाए। अगले साल से विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से बच्चों के ऑनलाइन दाखिले होंगे। -डॉ.धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री