संघ के धर्म जागरण मंच की ओर से सनातन धर्म और हिंदू समाज के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म जागरण मंच के प्रभारी गोविंद देव गिरी और उनकी टीम का कार्य सराहनीय है।
समापन सत्र में धर्म परिवर्तन के प्रकल्पों के बारे में भी वक्ताओं ने विचार रखे और कहा कि किसी कारणों से हमारे जो लोग दूसरे धर्म की ओर चले गए हैं, उन्हें वापस लाना है। मंच के प्रभारी गोविंद देव गिरि ने साधु स्वाध्याय संगम के एजेंडे की जानकारी दी।
कार्यक्रम में 1799 संत, 145 महिला संत और 34 प्रांतों से 21 मत पंथ संप्रदाय के संत उपस्थित रहे। उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक एवं धर्म जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक शरद डोले, संघ के विभाग प्रचारक शरद भी मौजूद थे। सुबह के सत्र में स्वामी रामदेव ने प्रतिभागियों के साथ योग किया। इस दौरान उन्होंने आरएसएस प्रमुख का स्वागत भी किया।
मीडिया से बनाई दूरी
वैसे तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में विदेशी मीडिया से मुखातिब हुए, लेकिन पतंजलि योगपीठ में आयोजित समारोह में भाग लेने के दौरान मीडिया से दूरी बनाए रखी। पूरे आयोजन से मीडियाकर्मियों को दूर रखा गया। कुछ मीडियाकर्मी आयोजन स्थल में प्रवेश कर गए थे, लेकिन आयोजकों ने उनसे सभागार से बाहर ही रहने का आग्रह किया।