थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या जांच में आपत्तिजनक नारे लगाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। उधर, एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र और सीओ मनोज ठाकुर ने भी थाने पहुंचकर दोनों पक्षों की शिकायत सुनीं। उन्होंने इस वीडियो की एक्सपर्ट टीम से जांच कराने की बात कही है।
एक पक्ष के सरफराज का कहना था कि नामांकन के दौरान किसी ने आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए हैं। उनके समर्थन में नारेबाजी की है। उनके समर्थकों ने पुलिस को उसी समय के अलग-अलग वीडियो सौंपे।
विवादित वीडियो में भी वही युवक वीडियो बनाते दिख रहे हैं। एएसपी ने कहा कि चुनाव के दौरान शांति भंग करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा और किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अगर किसी पक्ष को उक्त वीडियो आपत्तिजनक लगता था तो उसे वायरल करने की बजाय पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी। वायरल वीडियो की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. जगदीश चंद्र, एएसपी काशीपुर।