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इस रोजेदार ने रोजा तोड़कर बचाई हिंदू युवक की जान, पढ़ेंगे तो करेंगे इनके जज्बे को सलाम

Mon, 21 May 2018 11:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी देहरादून में एक ऐसा मामला सामने आया है जो देशभर में वायरल हो रहा है। यहां एक रोजेदार ने अपना रोजा तोड़कर एक इंसान की जान बचाई। इसके बाद से ये खबर सोशल मीडिया और व्हाट्सअप ग्रुप में वायरल हो गई है। लोग आरिफ के इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।

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देहरादून के आरिफ खान ने रोजा तोड़कर हिंदू युवक की जान बचा ली। आरिफ ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है। आरिफ ने मैक्स अस्पताल में भर्ती अजय बिजल्वाण (20 वर्ष) को खून देकर जान बचा ली।

अजय बिजल्वाण आईसीयू में है। वह लीवर में संक्रमण से ग्रसित हैं, जिस कारण उनकी प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थीं और शनिवार सुबह पांच हजार से भी कम रह गई थीं। 

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काफी कोशिश के बाद भी डोनर नहीं मिला

Blood Donner
डॉक्टरों ने अजय के पिता खीमानंद बिजल्वाण से ए-पॉजिटिव ब्लड का इंतजाम करने को कहा। काफी कोशिश के बाद भी डोनर नहीं मिला। इसके बाद खीमानंद के जानने वालों सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मदद मांगी।

नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना मिली तो उन्होंने अजय के पिता को फोन किया। आरिफ सहस्रधारा रोड (नालापानी चौक) पर रहते हैं।

आरिफ ने कहा कि उनके रोजे चल रहे हैं, अगर डॉक्टरों को काई आपत्ति नहीं है तो वह खून देने के लिए तैयार हैं। उधर डॉक्टरों ने कहा कि खून देने से पहले रोजा तोड़ना पड़ेगा। आरिफ रोजा तोड़ने के बाद अस्पताल पहुंच गए। आरिफ ने कहा कि 'अगर मेरे रोजा तोड़ने से किसी की जान बच सकती है तो मैं पहले मानवधर्म को ही निभाऊंगा। रोजे तो बाद में भी रखे जा सकता है, लेकिन जिंदगी की कोई कीमत नहीं'।
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