केंद्र सरकार का घर-घर गंगाजल पहुंचाने का प्लान है।
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गंगा और प्रदेश की अन्य नदियों के जल के व्यावसायिक उपयोग पर जल्द रॉयल्टी देनी होगी। राज्य सरकार इसके लिए ड्राफ्ट तैयार करवा रही है। इसके तहत प्रति लीटर जल के हिसाब से दरें तय की जाएंगी।
सरकार ने यह कदम केंद्र की उस घोषणा के बाद उठाया है जिसमें गंगाजल को पोस्टल सर्विस के जरिये श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाएगा। पोस्ट आफिस में अलग-अलग पैकिंग में गंगा जल उपलब्ध भी हो गया है। इसके अलावा कई कंपनियां और धार्मिक संस्थाएं भी गंगाजल का व्यावसायिक उपयोग करती हैं।
इसको देखते हुए मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने सिंचाई विभाग के अफसरों से कहा है कि गंगा समेत राज्य की सभी नदियों के जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कैसे रॉयल्टी वसूली जाए, इसका ड्राफ्ट तैयार करें ताकि इसे अमलीजामा पहनाया जा सके।
सचिव सिंचाई आनंदवर्द्धन ने बताया कि ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अभी इसकी दरें तय नहीं की गई हैं। ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अगर सरकार रॉयल्टी वसूलने में सफल होती है तो इससे राज्य की आय में बढ़ोतरी होगी।