उत्तराखंड में जन्म से लेकर एक साल के बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए रोटा वायरस वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हो गया है। बुधवार को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने पांच बच्चों को रोटा वैक्सीन पिला कर अभियान का शुभारंभ किया।
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्रीत्रिवेंद्र सिंह रावत की अनुपस्थिति में परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने रोटा वैक्सीन टीकाकरण की शुरूआत की। उन्होंने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का राज्य स्तर पर शुभारंभ किया। इस मौके पर आर्य ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन अभी तक निजी चिकित्सकों और क्लीनिक पर उपलब्ध थी। इसके लिए अभिभावकों को आठ सौ से दो हजार रुपये देने पड़ रहे थे।
अब यह वैक्सीन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क दी जाएगी। नियमित टीकाकरण के दौरान ही रोटा वायरस वैक्सीन 0 से एक साल तक के बच्चे को छह, दस और 14 सप्ताह में दी जाएगी। विधायक उमेश शर्मा काऊ ने वैक्सीन को प्रदेश के सभी बच्चों तक पहुंचाने पर बल दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरके पांडेय ने कहा कि डायरिया के कारणों में 40 प्रतिशत के लिए अकेला रोटा वायरस जिम्मेदार है।
रोटा वैक्सीन से राज्य के करीब 1.83 लाख बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। सात अगस्त के बाद नियमित टीकाकरण सत्रों में यह टीका अनिवार्य तौर पर दिया जाएगा। इस मौके पर जॉन्स स्नो इंडिया (जेएसआई) के तकनीकी निदेशक डॉ. एसएन बागची ने रोटा वायरस टीकाकरण के तकनीकी विषय पर जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज पांडेय, एनएचएम के मिशन निदेशक युगल किशोर पंत, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अमिता उप्रेती, ड्रॉ. अंजलि नौटियाल, तृप्ति बहुगुणा, सीएमओ एसके गुप्ता मौजूद थे।
43 लाख बच्चों को आज दी जाएगी एल्बेंडाजोल दवा
एनएचएम के मिशन निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि दिवस पर राज्य के 43 लाख बच्चों को आठ अगस्त को एल्बेंडाजोल की दवाई दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कृमि दिवस पर जो बच्चे दवा लेने से छूट जाएंगे। उन्हें 16 अगस्त को मॉपअप दिवस पर दवा दी जाएगी।