मुसलमानों के सबसे पवित्र महीने माह रमजान में रोजेदार हिंदुओं की आस्था के केंद्र गाय को बचाने के लिए कार्य करेगा। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से देशभर में रोजा इफ्तार के लगभग 20 हजार ऐसे कार्यक्रम किए जाएंगे। जिनमें गाय के दूध से रोजा इफ्तार कार्यक्रम कर रोजा खोला जाएगा। इन काऊ मिल्क पार्टी के माध्यम से मुस्लिम समाज के लोगों को मंच गाय की महत्तवता बताएगा। जिससे समाज में फैल रही भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से वैसे तो गाय को बचाने के लिए राष्ट्रीय व्यापी हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से गाय को बचाने के लिए केंद्र सरकार से कठोर कानून बनाने की मांग की जाएगी, लेकिन अब रमजान माह में मंच की ओर देश भर में काऊ मिल्क पार्टी का आयोजन किया जाएगा।
देशभर में रोजा इफ्तार के दौरान लगभग 20 हजार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनमें से अकेले उत्तर प्रदेश में ही पांच से सात हजार रोजा इफ्तार कार्यक्रम होंगे। उत्तराखंड में भी एक प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम के साथ एक हजार काऊ मिल्क पार्टी करने का लक्ष्य रखा गया। जिनमें मंच की ओर से पहले मुसलमान भाइयों को खजूर खिलाई जाएगी, बाद में गाय का दूध या गाय के दूध से बना शरबत पिलाया जाएगा।
काऊ मिल्क पार्टी के माध्यम से मंच हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भाई-चारे का संदेश देने का काम करेगा। कार्यक्रमों के माध्यम से मुस्लिम समाज को गाय कितनी महत्वपूर्ण है इसके बारे में जानकारी देकर लोगों को जागरू कर इसे बचाने का संकल्प भी दिला जाएगा।