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रुड़की: पंचायत में हुआ परिवार का अपमान, तो युवक ने मासूम का अपहरण और हत्या कर लिया बदला

Thu, 21 May 2020 09:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की

सार

  • बाइक चोरी पर गांव में पंचायत कर युवक के परिवार को किया गया था अपमानित
  • बदले के लिए युवक ने मासूम का अपहरण कर मांगी थी ढाई लाख रुपये की फिरौती
  • मासूम का शव खेत से बरामद, युवक और उसके दो दोस्त गिरफ्तार कर भेजे जेल
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड के रुड़की में बाइक चुराने पर चाचा और परिवार की पंचायत में हुई बदनामी इतनी नागवार गुजरी कि बदला लेने के लिए युवक ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर एक मासूम की अपहरण कर हत्या कर दी। यही नहीं, आरोपियों ने मासूम के परिजनों से फिरौती भी मांगी थी। इसके बाद हत्या कर मासूम का शव खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद शव बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही कोर्ट में पेश कर उन्हें जेल भेज दिया।

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बृहस्पतिवार को एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने मंगलौर कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि 14 मई को गांव खेड़ाजट्ट निवासी फूल सिंह ने नौ साल के बेटे आकाश कुमार के लापता होने की सूचना दी थी। पुलिस ने तत्काल अपहरण का केस दर्ज कर लिया था। उसी दिन फूल सिंह के बड़े बेटे रोहित के पास फोन आया था।


फोन करने वाले ने आकाश के अपहरण करने की बात कहते हुए ढाई लाख की फिरौती मांगी थी। एसएसपी ने एसपी देहात एसके सिंह के निर्देशन में पुलिस और सीआईयू की टीम गठित कर मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए थे। पुलिस मोबाइल नंबर की लोकेशन निकाल रही थी। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने खेड़ाजट्ट निवासी सोनू पुत्र महिपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ और गांव के ही गौरव पुत्र पृथ्वी सिंह व अर्जुन सिंह पुत्र महेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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एसएसपी के अनुसार, पूछताछ में गौरव ने बताया कि कुछ महीने पूर्व उसके चाचा सतेंद्र और रोहित ने फूल सिंह की बाइक चोरी कर ली थी। मामला सामने आया तो गांव में पंचायत कर उसके चाचा और परिवार को बेइज्जत किया गया था। यही नहीं, पंचायत के फरमान पर नई बाइक खरीदकर फूल सिंह को देनी पड़ी थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने सोनू और अर्जुन के साथ मिलकर फूल सिंह के बेटे आकाश के अपहरण की योजना बनाई थी।

गौरव ने दोनों को बताया था कि फूल सिंह ने हाल ही में 2.60 लाख का प्लाट खरीदा है। फूल सिंह प्लाट बेचकर फिरौती की रकम दे देगा। योजना के अनुसार, तीनों ने गांव के पास मंदिर के बगल में एक खेत में 15 से 20 दिन तक गहरा गड्ढा खोदा था। 13 मई की शाम तीनों आकाश को मोबाइल पर गेम खिलाने के बहाने मंदिर के पास ले गए। यहां रात तक उसे गेम खिलाया। इसके बाद तीनों ने मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव गड्ढे में दबा दिया था। एसएसपी ने बताया कि तीनों की निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया है। जिस मोबाइल से फिरौती मांगी गई थी, वह भी बरामद कर लिया है।

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मोबाइल से खुला राज

बच्चे के अपहरण के बाद फिरौती मांगने के लिए जिस मोबाइल से आरोपियों ने कॉल की थी, उसी से तीनों धरे गए। फिरौती मांगने के बाद आरोपियों ने दोबारा कॉल नहीं की थी बल्कि पकड़े जाने के डर से मोबाइल बंद कर दिया था। इसी ने सारा राज खोल दिया और आईडी निकलने के बाद पुलिस इन तक पहुंच गई।

हत्या के बाद की थी फिरौती की कॉल
एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि आकाश का अपहरण करने के बाद तीनों उसे खेत पर गड्ढे के पास ले गए थे। तीनों ने फिरौती मांगने के लिए कॉल करने से पहले ही आकाश की हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि अपहरण के एक घंटे बाद ही तीनों ने हत्या की घटना को अंजाम दे दिया था। इसके बाद अगले दिन 14 मई को फिरौती के लिए कॉल की थी।

आकाश के चचेरे भाई हैं सोनू और अर्जुन
मासूम आकाश की हत्या के मामले में सोनू और अर्जुन ने भाई के रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया। एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि आरोपी सोनू और अर्जुन दोनों ही आकाश के कुटुंब में आते हैं और रिश्ते में चचेरे भाई हैं। इस पूरे प्रकरण में गौरव ने अपमान का बदला लेने और सोनू व अर्जुन ने पैसों के लालच में आकर अपने हाथ मासूूम के खून से रंग लिए।

पुलिस के पास जाता केस तो शायद जिंदा होता मासूम
मासूम का पहले अपहरण फिर फिरौती और अंत में हत्या। परिवार का यह जख्म शायद ही कभी भर पाए, लेकिन आकाश की हत्या कई सवाल भी छोड़ गई है। लोगों का कहना है कि इन सवालों का जवाब शायद ही वो पंचायत कभी दे पाए, जिसने खुद को कानून से ऊपर समझकर बाइक चोरी के अपराध को पुलिस के पास जाने से रोक लिया और खुद ही फैसला कर दिया।

जिस दिन गौरव के चाचा ने फूल सिंह की बाइक चोरी की थी, उसी दिन ही अगर ग्रामीण पंचायत करने की जगह पुलिस को सूचना देते तो गौरव के परिजनों का अपमान भी नहीं होता और शायद मासूम आकाश आज अपने परिजनों के बीच होता। इतना ही नहीं पुलिस में मामला जाने के बाद गौरव के दिल में शायद ही बदले की आग न जलती। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब पुलिस खुद को कानून से ऊपर समझने वाले पंचायत के लोगों पर कार्रवाई करेगी, जिसने गौरव के परिवार को अपमानित कर उसके अंदर बदले की भावना पैदा की।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसपी देहात एसके सिंह, सीओ मंगलौर डीएस रावत, कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान, एसएसआई देवेंद्र सिंह रावत, एसआई तसलीम आरिफ, एसआई अशोक कुमार, एसआई महेंद्र सिंह चौहान, समेत सिपाही प्रभाकर, अरुण कुमार, अलियाल अली, सौरभ नौटियाल, हसन अब्बास जैदी, इसरार अली और सीआईयू प्रभारी रविचंद्र सिंह, देवेंद्र भारती, सुरेश रमोला, अशोक, जाकिर, रविंद्र खत्री, महिपाल, नितिन।
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