बच्चे के अपहरण के बाद फिरौती मांगने के लिए जिस मोबाइल से आरोपियों ने कॉल की थी, उसी से तीनों धरे गए। फिरौती मांगने के बाद आरोपियों ने दोबारा कॉल नहीं की थी बल्कि पकड़े जाने के डर से मोबाइल बंद कर दिया था। इसी ने सारा राज खोल दिया और आईडी निकलने के बाद पुलिस इन तक पहुंच गई।
हत्या के बाद की थी फिरौती की कॉल
एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि आकाश का अपहरण करने के बाद तीनों उसे खेत पर गड्ढे के पास ले गए थे। तीनों ने फिरौती मांगने के लिए कॉल करने से पहले ही आकाश की हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि अपहरण के एक घंटे बाद ही तीनों ने हत्या की घटना को अंजाम दे दिया था। इसके बाद अगले दिन 14 मई को फिरौती के लिए कॉल की थी।
आकाश के चचेरे भाई हैं सोनू और अर्जुन
मासूम आकाश की हत्या के मामले में सोनू और अर्जुन ने भाई के रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया। एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि आरोपी सोनू और अर्जुन दोनों ही आकाश के कुटुंब में आते हैं और रिश्ते में चचेरे भाई हैं। इस पूरे प्रकरण में गौरव ने अपमान का बदला लेने और सोनू व अर्जुन ने पैसों के लालच में आकर अपने हाथ मासूूम के खून से रंग लिए।
पुलिस के पास जाता केस तो शायद जिंदा होता मासूम
मासूम का पहले अपहरण फिर फिरौती और अंत में हत्या। परिवार का यह जख्म शायद ही कभी भर पाए, लेकिन आकाश की हत्या कई सवाल भी छोड़ गई है। लोगों का कहना है कि इन सवालों का जवाब शायद ही वो पंचायत कभी दे पाए, जिसने खुद को कानून से ऊपर समझकर बाइक चोरी के अपराध को पुलिस के पास जाने से रोक लिया और खुद ही फैसला कर दिया।
जिस दिन गौरव के चाचा ने फूल सिंह की बाइक चोरी की थी, उसी दिन ही अगर ग्रामीण पंचायत करने की जगह पुलिस को सूचना देते तो गौरव के परिजनों का अपमान भी नहीं होता और शायद मासूम आकाश आज अपने परिजनों के बीच होता। इतना ही नहीं पुलिस में मामला जाने के बाद गौरव के दिल में शायद ही बदले की आग न जलती। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब पुलिस खुद को कानून से ऊपर समझने वाले पंचायत के लोगों पर कार्रवाई करेगी, जिसने गौरव के परिवार को अपमानित कर उसके अंदर बदले की भावना पैदा की।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसपी देहात एसके सिंह, सीओ मंगलौर डीएस रावत, कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान, एसएसआई देवेंद्र सिंह रावत, एसआई तसलीम आरिफ, एसआई अशोक कुमार, एसआई महेंद्र सिंह चौहान, समेत सिपाही प्रभाकर, अरुण कुमार, अलियाल अली, सौरभ नौटियाल, हसन अब्बास जैदी, इसरार अली और सीआईयू प्रभारी रविचंद्र सिंह, देवेंद्र भारती, सुरेश रमोला, अशोक, जाकिर, रविंद्र खत्री, महिपाल, नितिन।