आसमान में छाए बादलों से घाड़ के लोगों के दिलों में दहशत पैदा होने लगी है। मौसम विभाग की ओर से पहाड़ों में भारी बारिश की चेतावनी भी यहां के लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण है।
क्योंकि पहाड़ों पर बारिश से क्षेत्र की नदियों में अक्सर बाढ़ आ जाती है। पिछले साल भी इसी तरह सोलानी नदी में आई बाढ़ से दर्जनों गांवों के लोगों की हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्र हो गई थी। जिससे भारी नुकसान हुआ था।
कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद बादलों के साथ पड़ी रिमझिम फुहारों से जहां आम आदमी ने राहत की सांस ली है। वहीं घाड़ के लोगों के सांसे फूलने लगी है। घाड़ क्षेत्र में गंगा और सोलानी नदी से जुड़ा लक्सर और खानपुर क्षेत्र का इलाका हर साल बाढ़ की त्रासदी झेलता है।
चिंता की बात यह है कि पहाड़ों पर होने वाली बारिश का सीधा असर क्षेत्र में दिखता है। यहां पहाड़ों का पानी बहकर गंगा और सोलानी नदी में आने से बाढ़ आ जाती है। पिछले साल भी पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के चलते सोलानी नदी में बाढ़ आ गई थी। जिसका पानी तटों को तोड़कर खानपुर क्षेत्र के दर्जन भर गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि में घुस गया था।
जबकि एक जगह से तटबंध भी टूट गया था। इस दौरान आधा दर्जन गांवों में बाहरी सीमा पर बसे दर्जनों घरों में भी पानी घुस गया था। इसके चलते जहां फसलों का भारी नुकसान हुआ था वहीं काफी घरों का सामान भी बर्बाद हो गया था। वहीं दूसरी ओर गंगा और सोलानी नदी पर बने तटबंधों के अधिक तर हिस्से में पत्थरों की पीचिंग न होने से भी खतरा बना हुआ है।
ऐसे में घाड़ क्षेत्र के लोगों में बाढ़ को लेकर दहशत बनी हुई है। हालांकि फिलहाल गंगा और सोलानी नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है।