कारोबारी ने शक होने पर इनकम टैक्स कार्यालय में छापे की जानकारी ली तो पता चला कि कोई रेड नहीं डाली गई है। इस पर कारोबारी ने पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर ठगों की तलाश शुरू कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि कार नंबर सीसीटीवी कैमरे में आने के बाद पुलिस टीम को दिल्ली भेजा गया था।
वहां से पुलिस ने सलमान उर्फ समर निवासी ग्राम खुड्डा नगला, थाना छपार मुजफ्फरनगर और धीरज निवासी 415 इंद्रप्रस्थ योजना लोनी रोड गाजियाबाद को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से पुलिस ने ढाई लाख की नकदी, घटना में प्रयुक्त कार, एक मोबाइल, एक स्टांप रबड़ मोहर और इनकम टैक्स कार्यालय संबंधी फर्जी कागजात बरामद किए हैं।
दोनों ने पूछताछ में अपने पांच साथियों के नाम भी बताए हैं। साथ ही बताया कि घटना के बाद उन्होंने आपस में रकम बांट ली थी। एसएसपी ने बताया कि दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। दोनों के साथियों की तलाश की जा रही है। इस दौरान एसपी क्राइम रेखा यादव, एसपी देहात एसके सिंह, सीओ पल्लवी त्यागी और कोतवााली प्रभारी ऐश्वर्य पाल मौजूद रहे।