नूर हसन को बनाया था जमीन का फर्जी मालिक
पुलिस की ओर से बताया गया है कि नूर हसन को जमीन का फर्जी मालिक बनाते थे और अजयराज जमीन खरीदने वाले का विश्वास जीतने के लिए उसे स्वामी से मिलवाता था। ताकि उसे विश्वास हो जाए कि जो जमीन वह खरीद रहा है उसे स्वामी अच्छे मुनाफे पर खरीद लेंगे। बाद में जमीन खरीदने वाला नूर हसन से जमीन का एग्रीमेंट कर एडवांस में 40 से 50 लाख रुपये दे देता था।
हरियाणा, मंगलौर समेत कई जगह हैं केस दर्ज
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि गिरोह का आपराधिक इतिहास खंगाला तो पता चला कि उक्त लोगों के खिलाफ हरियाणा, मंगलौर में भी केस दर्ज हैं। जबकि स्वामी दिनेशानंद के खिलाफ हरिद्वार में वर्ष 2021 में हुई धर्म संसद में नफरती भाषण का भी केस दर्ज है। एसएसपी ने बताया कि गिरोह के लोगों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
बोले दिनेशानंद भारती - ड्राइवर की संलिप्तता कैसे, मैं खुद ही चलाता हूं गाड़ी
कुछ षड़यंत्रकारी लोगों द्वारा मुझे झूठे मुकदमे में संलिप्त करने की कोशिश की। माननीय न्यायालय पर मुझे पूरा विश्वास है। मुझे इस मुकदमे की जानकारी ही नहीं है और न ही मुझे कभी इस मुकदमे के संबंध में नोटिस दिया और न कभी पूछताछ की गई। जो लोग मुझे दोषी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उनमें से मैं किसी को नहीं जानता हूं। मेरे ड्राइवर की संलिप्तता बताई गई है जबकि मैंने आज तक ड्राइवर ही नहीं रखा। मैं गाड़ी खुद ही चलाता हूं। मेरे आसपास सब लोग जानते हैं कि मैं गाड़ी खुद ही चलाता हूं।
- स्वामी दिनेशानंद भारती