साथ ही पता चला कि गिरोह के लोग टॉवर का काम करते हुए अन्य मोबाइल टॉवरों से चोरी भी करते थे। रविवार रात मंगलौर पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के दो लोग चोरी की बैटरी लेकर मेरठ से रुड़की बोलेरो से आ रहे हैं। पुलिस ने चेकिंग के दौरान मंगलौर में देवबंद तिराहे के पास गाड़ी रोककर दोनों को पकड़ लिया। बोलेरो से चोरी की 22 बैटरियां भी बरामद हुईं।
पूछताछ में दोनों ने अपना नाम दिलशाद निवासी जानी बुजुर्ग, थाना जानी मेरठ और कमल सिंह निवासी हुसैनपुर, थाना पुरकाजी मुजफ्फरनगर बताया। जबकि उनके साथी हसीन और साजिद निवासी जानी बुजुर्ग, थाना जानी मेरठ फरार हैं।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह यूपी, उत्तराखंड और राजस्थान में मोबाइल टॉवरों से बैटरी चुराता था। इस दौरान एसपी देहात एसके सिंह, सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट, सीओ मंगलौर डीएस रावत आदि मौजूद रहे।
एसएसपी ने बताया कि चारों मोबाइल टॉवर लगाने में माहिर हैं। इसलिए उन्हें मोबाइल टॉवर में कौन सी चीज महंगी है और आसानी से चोरी हो सकती है, इसकी पूरी जानकारी थी। वह जिस टॉवर में काम करते थे, बाद में उसी से बैटरी चोरी कर लेते थे। इतना ही नहीं जहां टॉवर लगाते थे, उसके आसपास रेकी कर मोबाइल टॉवरों से भी बैटरी चोरी करते थे।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
लंढौरा पुलिस चौकी प्रभारी रणवीर सिंह चोहान, एसआई कुलेंद्र रावत, एसआई पुष्पेंद्र सिंह समेत इसरार, हसन अब्बास जैदी, सौरभ नौटियाल, प्रभाकर और सोहन मेहरा।