निवर्तमान मेयर यशपाल राणा की पत्नी श्रेष्ठा राणा को टिकट मिलते ही पूरी रुड़की कांग्रेस उनके विरोध में उतर आई है। ज्यादातर कांग्रेसियों ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर उनके टिकट की वैद्यता पर सवाल खड़े किए।
नगर निगम का एक एक्ट प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस से टिकट के दावेदार रजनीश कुमार ने कहा कि निगम की जमीन के मामले में चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किए जा चुके निवर्तमान मेयर के परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकता। ऐसे में उनका पर्चा खुद ही खारिज हो जाएगा।
शुक्रवार को एक तरफ जब निवर्तमान मेयर अपनी पत्नी को साथ लेकर तहसील में नामांकन दाखिल करा रहे थे, उसी दौरान तमाम कांग्रेसी उनके विरोध में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे।
रामनगर स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेसी नेता रजनीश शर्मा, हंसराज सचदेवा, ममतेश शर्मा, आशीष सैनी, श्याम सिंह नाग्यान, रश्मि चौधरी और सुधीर शांडिल्य ने कहा कि श्रेष्ठा राणा का टिकट पार्टी विरोधियों ने हाईकमान को भ्रमित कर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम एक्ट में साफ लिखा है कि निगम की संपत्ति का अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति समेत उसके परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकता है।
ऐसे में उन्हें डर है कि निर्वाचन आयोग नामांकन रद्द कर देगा और कांग्रेस का टिकट खाली रह जाएगा। इसका सीधा फायदा अन्य पार्टियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठा राणा के पास कांग्रेस की सदस्यता तक नहीं है और उन्हें जबरदस्ती प्रत्याशी के रूप में थोपा जा रहा है। उन्होंने हाईकमान से अविलंब टिकट बदलने की मांग की।