50 से अधिक को जारी हुए हैं नोटिस, करोड़ों का है मामला
सूत्रों के मुताबिक हाईवे बाईपास निर्माण में एक खसरा संख्या में शामिल 50 से अधिक भूमि स्वामियों को अधिक मुआवजा दिया गया है। इन्हें करोड़ों की रकम ज्यादा मिली है। पूर्व जिलाधिकारी की ओर से इस मामले की जांच कराई गई है। जांच में मामला सामने आने के बाद अब नोटिस जारी किए गए हैं। जिससे विभाग में हड़कंप मचा है।
इस तरह बुना जाता है घोटाले का खेल
जानकारों के मुताबिक बड़े बिल्डरों को यह जानकारी होती है कि एनएच की ओर से किन जमीनों से होकर हाईवे बनाया जाना है। ऐसे में ये बिल्डर उनके खसरा नंबर की जानकारी रसूखदार लोगों को देते हैं। साथ ही इसमें अधिकारियों को भी शामिल कर लिया जाता है। फिर हाईवे की अधिसूचना जारी होने से पहले रसूखदार लोग जमीनें खरीद लेते हैं। यही नहीं इस तरह की जमीनों का मुआवजा सबसे बाद में लिया जाता है और मुआवजे की दर भी नियमों का इस्तेमाल कर बढ़वा ली जाती हैं। इसके बाद मुआवजा हासिल कर मोटी कमाई की जाती है।
..तो ऊधमसिंह नगर की तरह बाहर आएगा घोटाले का जिन्न
भूमि अध्यापित अधिकारी की ओर से नोटिस जारी होने से यह तो साफ हो गया है कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। ज्यादा भुगतान करने के मामले में और कौन लोग शामिल हैं, अभी यह साफ होना बाकी है। सूत्रों की माने तो इसकी गहराई से जांच होती है तो ऊधमसिंहनगर के एनएच घोटाले की तरह ही यहां भी कई चौकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।