स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बच्चे की आवाज किसी ने न सुनी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
बाहर निकलते ही बैग से बोतल निकालकर पीया पानी
बच्चा काफी सहम गया था। जब वह बाहर निकला तो घबराहट में कुछ बोल नहीं पाया। पुलिस ने प्यार से उसकी काउंसलिंग की तो वह सहज हुआ और इसके बाद अपने बैग से बोतल निकालकर पानी पीया। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी।