फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Roorkee: कुत्तों का आतंक...बाइक सवार दंपती को 17 जगहों पर काटा, एक महीने में 1041 लोगों को बनाया शिकार

Mon, 09 Sep 2024 07:31 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की

सार

Roorkee News: पीड़ित अपनी पत्नी के साथ बाइक से भगवानपुर आ रहे थे। चार-पांच आवारा कुत्ते उनके पीछे पड़ गए। घबराहट में उनकी बाइक असंतुलित हो गई और दोनों सड़क पर गिर गए। इस बीच कुत्तों पर उन पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
कुत्तों का हमला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रुड़की शहर की सड़कों पर आवारा कुत्तों का आतंक कम नहीं हो रहा है। सोमवार को आवारा कुत्तों ने बाइक सवार दंपती पर हमला कर दिया। कुत्तों ने दंपती के शरीर पर 17 जगह पर काटकर उन्हें लहूलुहान कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह दंपती को कुत्तों से छुड़वाया। गंभीर हालत में सिविल अस्पताल पहुंचे दंपती का उपचार करने के साथ ही यहां उन्हें एंटी रेबीज का टीका लगाया गया।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक भगवानपुर क्षेत्र के हुसैनपुर निवासी अमित अपनी पत्नी सीमा के साथ बाइक से भगवानपुर आ रहे थे। भगवानपुर से पहले सर्विस रोड पर चार-पांच आवारा कुत्ते उनके पीछे लपके। घबराहट में उनकी बाइक असंतुलित हो गई और दोनों सड़क पर गिर गए। इस बीच कुत्तों पर उन पर हमला कर दिया।

Wolf Attack:  आसान शिकार, आदत और हालात से भेड़िये बन जाते हैं जान के दुश्मन...1997 की घटना थी बेहद डरावनी

शोर सुनकर आए आसपास के लोगों ने किसी तरह दोनों को बचाया और उन्हें सिविल अस्पताल रुड़की पहुंचाया। यहां अस्पताल कर्मचारियों ने उनका उपचार करने के साथ ही एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया। बताया जा रहा है कि कुत्तों ने उनके हाथ, पैर, गर्दन, पीठ के साथ ही शरीर पर करीब 17 जगह पर काटकर लहूलुहान कर दिया।
विज्ञापन

एक महीने में 1041 लोगों को काटा

शहर के कुत्ते देहात से अधिक आक्रामक हो रहे हैं। शहर में आए दिन आवारा कुत्ते लोगों पर हमला कर लहूलुहान कर रहे हैं। सिविल अस्पताल में रोजाना आने वाले केस इसकी पुष्टि कर रहे हैं। बावजूद इसके नगर निगम के अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहे रहे हैं। ऐसे में लोगों में दहशत के साथ ही गुस्सा पनप रहा है।

आवारा कुत्तों के कारण लोग इतनी दहशत में हैं कि वह अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने और सुबह-शाम की सैर पर जाने से भी कतरा रहे हैं। दरअसल यहां, गली और मोहल्लों में घूम रहे आवारा कुत्ते छोटे बच्चों पर आए दिन हमला कर हैं। इसके अलावा सैर पर जा रहे लोगों को भी शिकार बना रहे हैं। सिविल अस्पताल रुड़की के आंकड़ों पर गौर करें तो कुत्तों के हमलों के सबसे अधिक मामले रुड़की शहर के आ रहे हैं। पिछले अगस्त से लेकर अब तक यहां 675 लोग एंटी रेबीज लगवाने पहुंचे हैं। जबकि देहात से 366 लोग अस्पताल में पहुंचे हैं। शहर में बढ़ते कुत्तों के हमलों के बाद भी नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी लापरवाही के कारण ही सोमवार को एक दंपती की जान पर बन आई।

सोमवार को आए 23 मामले, आज नहीं लगेगा टीका

सोमवार को कुत्ते के काटे 23 लोग एंटी रेबीज का टीका लगवाने सिविल अस्पताल रुड़की में पहुंचे। लेकिन वैक्सीन की कमी होने के कारण कई लोग वापस लौट गए। अब अस्पताल में एंटी रेबीज टीके का स्टॉक खत्म हो गया है। ऐसे में मंगलवार को यहां मरीजों को टीका नहीं लगेगा। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि टीके की डिमांड स्वास्थ्य महानिदेशालय भेजी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें