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रुड़की : खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को हथियार सप्लाई करने वाले की बहन से एनआईए ने की घंटों पूछताछ

Thu, 27 Aug 2020 11:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
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NIA (सांकेतिक तस्वीर)
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खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के शीर्ष नेता हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी के दाहिने हाथ गुगनी ग्रेवाल को हथियार सप्लाई करने वाले आरोपी आशीष की मुंह बोली बहन से एनआईए ने रुड़की में घंटों पूछताछ की। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी साथ थी। बंद कमरे में घंटों पूछताछ करने के बाद एनआईए की टीम लौट गई।

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यूपी एटीएस ने इसी साल 31 जनवरी को केएलएफ को हथियार सप्लाई करने वाले पंजाब के वांछित आशीष कुमार पुत्र रामवीर सिंह निवासी ग्राम टीकरी, पोस्ट-थाना जानी, जनपद मेरठ को मोहाली (पंजाब) में हथियार सप्लाई करने के मामले में रुड़की से गिरफ्तार किया था।

आशीष का नाम आतंक की दुनिया में उस समय सामने आया था, जब पंजाब पुलिस ने 23 नवंबर 2019 को हत्या, सुपारी लेकर हत्या, लूट, रंगदारी के 20 से अधिक मामलों में वांछित चल रहे जनपद मोंगा पंजाब के गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह उर्फ बुद्धा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि आशीष उसके गिरोह को हथियार सप्लाई करता था। जांच में सामने आया कि आशीष केएलएफ के मुखिया हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी के मुख्य सहयोगी गुगनी ग्रेवाल को भी हथियार सप्लाई करता था।

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बंद कमरे में उससे घंटों तक पूछताछ की गई

एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में एनआईए ने भी आशीष के खिलाफ केस दर्ज किया था। तभी से मामले की जांच एनआईए, यूपी एटीएस और पंजाब पुलिस करती आ रही है। बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से एक डीएसपी समेत एनआईए की पांच सदस्यों की टीम जादूगर रोड स्थित आरोपी की मुंह बोली बहन के घर पहुंची।

यहां बंद कमरे में उससे घंटों तक पूछताछ की गई। इसके बाद टीम लौट गई। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, बताया जा रहा है कि एनआईए ने आशीष की बहन से उसके व्यवहार के बारे में पूछताछ की। साथ ही यह भी जानकारी ली कि उसके संपर्क में रुड़की में कौन-कौन लोग थे।
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पाकिस्तान में रहकर साजिश रचता था हरमीत

पुलिस के अनुसार, छेहरता (अमृतसर) निवासी हरमीत सिंह पीएचडी पिछले दो वर्षों से पाकिस्तान में रह रहा था। अगस्त, 2016 में पंजाब के आरएसएस उप प्रमुख ब्रिगेडियर जगदीश कुमार गगनेजा (अप्र) की हत्या में एनआईए ने हरमीत को आरोपी बनाया था। हरमीत की 27 जनवरी को डेरा चाहेल गुरुद्वारा लाहौर पाकिस्तान में हत्या कर दी गई थी।  

पुलिसकर्मियों की अटकी रहीं सांसें
एनआईए की टीम की ओर से रुड़की में आशीष की बहन से पूछताछ की जानकारी जब उन पुलिसकर्मियों को लगी, जो आशीष के करीब थे तो उनकी सांसें अटक र्गइं। पुलिसकर्मी एनआईए की टीम के बारे में जानकारी लेते रहे। टीम के वापस लौटने पर उन्होंने राहत की सांस ली।
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