एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में एनआईए ने भी आशीष के खिलाफ केस दर्ज किया था। तभी से मामले की जांच एनआईए, यूपी एटीएस और पंजाब पुलिस करती आ रही है। बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से एक डीएसपी समेत एनआईए की पांच सदस्यों की टीम जादूगर रोड स्थित आरोपी की मुंह बोली बहन के घर पहुंची।
यहां बंद कमरे में उससे घंटों तक पूछताछ की गई। इसके बाद टीम लौट गई। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, बताया जा रहा है कि एनआईए ने आशीष की बहन से उसके व्यवहार के बारे में पूछताछ की। साथ ही यह भी जानकारी ली कि उसके संपर्क में रुड़की में कौन-कौन लोग थे।
पुलिस के अनुसार, छेहरता (अमृतसर) निवासी हरमीत सिंह पीएचडी पिछले दो वर्षों से पाकिस्तान में रह रहा था। अगस्त, 2016 में पंजाब के आरएसएस उप प्रमुख ब्रिगेडियर जगदीश कुमार गगनेजा (अप्र) की हत्या में एनआईए ने हरमीत को आरोपी बनाया था। हरमीत की 27 जनवरी को डेरा चाहेल गुरुद्वारा लाहौर पाकिस्तान में हत्या कर दी गई थी।
पुलिसकर्मियों की अटकी रहीं सांसें
एनआईए की टीम की ओर से रुड़की में आशीष की बहन से पूछताछ की जानकारी जब उन पुलिसकर्मियों को लगी, जो आशीष के करीब थे तो उनकी सांसें अटक र्गइं। पुलिसकर्मी एनआईए की टीम के बारे में जानकारी लेते रहे। टीम के वापस लौटने पर उन्होंने राहत की सांस ली।