अल्लाउद्दीन का आरोप है कि जब वसीम मदद के लिए पुकार रहा था तो गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और उन्होंने टॉर्च की रोशनी में पूरी घटना देखी। उन्होंने वसीम को बचाने की कोशिश भी की लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें गोली मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया। अगले दिन वसीम का शव तालाब से मिला, जिस पर चोट के निशान भी थे। परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन तब कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद परिजनों ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इन पर दर्ज हुआ केस
एसपी देहात शेखर सुयाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद गंगनहर कोतवाली पुलिस ने अब उपनिरीक्षक शरद सिंह, कांस्टेबल सुनील सैनी, प्रवीण सैनी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, मामले की जांच चल रही है।