रुड़की गैस एजेंसी के गोदाम में फायरिंग के मामले में फरार चल रहे कुख्यात चीनू पंडित के एक और गुर्गे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से फायरिंग में प्रयुक्त की गई पिस्तौल भी बरामद हुई है। दो आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्तार से बाहर चल रहे हैं जबकि चीनू के भाई और एक शूटर को गिरफ्तार कर मंगलवार को पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया था।
नौ सितंबर को बाइक सवार बदमाशों ने सलेमपुर राजपुताना स्थित एकता गैस एजेंसी के गोदाम के ऑफिस में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल था। जांच में जुटी पुलिस ने मंगलवार को गोलीबारी में शामिल दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें एक रुड़की जेल में हत्या के मामले में बंद कुख्यात चीनू पंडित का भाई मोनू और दूसरा उसका गुर्गा मुकुल त्यागी शामिल था।
मामले में पुलिस को तीन और की तलाश थी। कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार के नेतृत्व में भेजी गई टीम ने दिल्ली से इनमें से एक आरोपी सद्दाम निवासी कीरतपुर बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग करने वालों में सद्दाम भी मुख्य रूप से शामिल था। उन्होंने बताया कि अभी पुलिस को फरार चल रहे दो और आरोपियों की तलाश है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद सद्दाम दिल्ली चला गया था। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली में रहकर कई तरह के काम करता है। मौका मिलने पर वह अपराध करने से भी नहीं चूकता। पुलिस के अनुसार, इसी वर्ष रुड़की जेल के एक कर्मचारी पर फायरिंग के मामले में भी वह जेल गया था। वहीं, उसकी चीनू पंडित से मुलाकात हुई थी और चीनू ने उसे फायरिंग के लिए तैयार किया था।
यह था पूरा मामला
पुलिस का दावा है कि गैस एजेंसी के गोदाम पर फायरिंग जेल में बंद कुख्यात चीनू पंडित के इशारे पर कराई गई थी। पुलिस का दावा है कि चीनू के खिलाफ चल रहे हत्या के एक मुकदमे में गैस एजेंसी का कर्मचारी अश्विनी मुख्य गवाह है। उसी को आतंकित कर गवाही से हटाने के लिए उसने फायरिंग कराई थी।