रविवार रात जिस समय फैक्टरी में आग लगी, तब तेज हवा चल रही थी। हवा ने फायर बिग्रेड की मुसीबत और बढ़ा दी। तेज हवा के चलते फायर बिग्रेड के कर्मचारी को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच तीनों गाड़ियों के टैंक में पानी भी खत्म हो गया, जिससे आग ने और रौद्र रूप ले लिया। पास में ही एक फैक्टरी से पानी भरने के बाद पर आग पर काबू पाया जा सका।
एक चौथाई हिस्से में लग चुकी थी आग
रात करीब साढ़े बारह बजे फैक्टरी में आग लगी तो सुरक्षा गार्ड की अचानक आंख खुल गई। जिस समय गार्ड की आंख खुली, फैक्टरी के एक चौथाई हिस्से में आग लग चुकी थी। इसकी वजह से समय पर आग लगने का पता नहीं चल पाया और बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अगर समय रहते आग का पता चल जाता तो कम नुकसान होता।
फैक्टरी पहुंचे सीएफओ हरिद्वार
फैक्टरी में भीषण आग लगने की सूचना मिलते ही हरिद्वार से मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) नरेंद्र सिंह कुंवर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधीनस्थों से आग लगने के कारणों की जानकारी ली। साथ ही फैक्टरी का मौका मुआयना किया। उन्होंने फैक्टरी प्रबंधन से अग्निशमन संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह नहीं दिखा पाए। उन्होंने मामले में गहनता से जांच के निर्देश दिए।
जांच कराने के बाद लगाएं उपकरण
रुड़की के अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि फैक्टरी में लगे अग्निशमन उपकरणों में खामियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि कई फैक्ट्ररियों में मानक के अनुसार, अग्निशमन उपकरण नहीं लगवाए जाते हैं। इसके चलते आग बुझाने में ये उपकरण कारगर साबित नहीं होते हैं। उन्होंने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन को अग्निशमन अधिकारी के दिशा निर्देश पर ही अग्निशमन उपकरण लगवाने चाहिए।