पुलिस के अनुसार, गौरव और सचिन भी नशे के आदी हैं। वह भी अपराध की दुनिया में आसानी से उतर गए। इसके बाद चारों अलग-अलग शहर में भीड़भाड़ वाले इलाके में जाकर रेकी करते थे। इसके बाद एक युवक आसपास नजर रखता था और तीन बाइक चोरी कर मौके से फरार हो जाते थे।
इसके अलावा चोरी की बाइक बेचने से पहले वह उसका रंग बदलने के साथ ही फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे। गिरोह के निशाने पर स्कूटी, बाइक और बुलेट सभी रहती थी। एसएसपी ने बताया कि चारों शातिर हैं और मिनटों में बाइक चोरी करके फरार हो जाते थे।
मोडिफाई करने के बाद बेचते थे बाइक, अनपढ़ हैं चारों
एसएसपी ने बताया कि चारों बाइक चोरी करने के बाद उसे मोडिफाई करते थे ताकि किसी को शक न हो सके की कि बाइक चोरी की है। इसके बाद जैसे दाम मिलते थे वैसे में ही बेच देते थे। इसके अलावा चारों अनपढ़ हैं और फरार आरोपी अंकित बाइक के पुर्जे भी अलग कर बेच देता था।