स्कालर्स एकेडमी के छात्र द्वारा बनाए गए कूड़ादान कई खूबियों से परिपूर्ण हैं। इन कूड़ेदान को बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों तथा असहाय लोगों के लिए बनाया गया है। यह कूड़ादान स्वयं चलकर आपके पास आ जाएगा। साथ ही इसका ढक्कन अपने आप ही खुल जाएगा।
कोई भी व्यक्ति इसके सामने आएगा तो यह ढक्कन कूड़ा डालने तक खुला रहेगा और अपने आप बंद भी हो जाएगा। डस्टबिन पूरा भरने पर सायरन बजेगा कि कूड़ा भर गया है। वंश सैनी ने बताया कि मॉडल को तैयार करने में उनके पिता विनीत सैनी, डॉ. नवीन सैनी एवं डॉ. शैलेंद्र मैठाणी, एकेडमी के चेयरमैन एसएस नगियान से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।