मामले में रुड़की कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के बाद विवेचक ने पांच अभियुक्तों ठेकेदार मजहर अली निवासी भटवाड़ी रोड उत्तरकाशी, अपर सहायक अभियंता छबील दास निर्माण खड़ लोनिवि रुड़की, हैदर निवासी मेहंदीबाग नजीबाबाद, अनिल कुमार व दीपक निवासीगण लोनिवि कालोनी सिविल लाइन रुड़की के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। तेरह वर्ष तक चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानी नाहर ने पांचों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 2 - 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 - 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
टिप्पणी: पुल निर्माण में विभिन्न स्तर पर हुआ भ्रष्टाचार, सरकार और एजेंसी है जिम्मेदार
न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र अथवा राज्य सरकारें जिस एजेंसी के द्वारा पुल निर्माण का कार्य कराती हैं, उसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र या राज्य सरकार तथा उस एजेंसी की होती है और यदि उनकी लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी केंद्र या राज्य सरकार तथा उस एजेंसी की होगी। इस पुल निर्माण में विभिन्न स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है, निर्माणदायी संस्था के अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने कथित पुल निर्माण में घोर लापरवाही बरती जिससे जन और धन की हानि हुई। कोई भी सरकारी योजना में निर्माण कार्य जनता के पैसों से होता है। यदि इसकी बर्बादी अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण होती है तो उनको सजा मिलनी ही चाहिए।