नगर निगम सभागार में सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी के स्थापना दिवस पर पर्यावरणविद् पद्म विभूषण
देहरादून। बच्चों को संस्कार देने में बुजुर्गों की भूमिका अहम है। हम अपने संस्कार और संस्कृति के कारण ही जीवित हैं। युवाओं को अपने बुजुर्गों का ध्यान रखना चाहिए, साथ ही उनके अनुभव का लाभ उठाना चाहिए।
यह बातें राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी की ओर से नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान उन्होंने पर्यावरणविद् एवं पद्मविभूषण सुंदरलाल बहुगुणा को ‘वयो श्री’ सम्मान से सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि पहले भारतीय समाज में संयुक्त परिवारों का चलन था, लेकिन आज लोग एकल परिवारों की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें दादा-दादी का स्थान नहीं है। बुजुर्गों की बच्चों के पालन-पोषण व संस्कार देने में अहम भूमिका होती है। इसलिए परिवारों को जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज हमें सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी और वृद्धा आश्रम जैसी संस्थाएं खोलनी पड़ रही हैं।
पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा ने कहा कि वृद्धजन अनुभव की पूंजी हैं। बुजुर्गों के अनुभव का लाभ युवा पीढ़ी को लेना ही चाहिए। वर्तमान पीढ़ी को सादगी, संयम के साथ पौधरोपण को भी अपनाना चाहिए। इस दौरान विमला बहुगुणा एवं सुशीला बलूनी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने मैक्स अस्पताल द्वारा शुरू किए गए सीनियर सिटीजन हेल्थ कार्ड का विमोचन किया। इस अवसर पर कैंट विधायक हरबंस कपूर, मनोनीत विधायक जार्ज आईजी मैन, मेयर सुनील उनियाल गामा, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अतुल जोशी, संस्थापक केएल अरोड़ा, केके ओबेराय, एसपी कोछड़, सुशील त्यागी आदि मौजूद रहे।
बच्चों ने प्रस्तुत किए रंगारंग कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान नृत्य नाट्य कला विकास सोसायटी के कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सहारनपुर के कलाकारों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की थीम पर नृत्य नाटिक प्रस्तुति कर तालियां बटोरीं।