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उत्तराखंड में मौसम का कहर: चट्टानें दरकीं, मलबे से पटी दुकान और घर, इन जिलों के लिए अलर्ट जारी

Sun, 17 Jun 2018 09:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/पिथौरागढ़/नाचनी
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने अगले 24 घंटों में नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विज्ञानियों ने 24 घंटे बाद धूल के गुबार से निजात मिलने की उम्मीद जताई है। 

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धारचूला से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात मूसलाधार बारिश से कैलाश यात्रा मार्ग पर नजंग के समीप चट्टानें दरक गईं और पहाड़ी से भारी मात्रा में गिरे मलबे में दबने से चार खच्चरों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन खच्चर गंभीर रूप से घायल हो गए। मलबे से एक ढाबा ध्वस्त हो गया।

शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से धारचूला-रांथी और डीडीहाट-दूनाकोट सड़क मलबे से पट गईं। बारिश से रामगंगा, काली, गोरी सहित अन्य नदियां उफान पर हैं।

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जलस्तर बढ़ने से नदी डायवर्जन का चार मीटर का हिस्सा बह गया

वहीं, शनिवार सुबह आए तेज अंधड़ और बारिश से गणाईगंगोली क्षेत्र में शेराघाट सड़क पर एक पेड़ आ गिरा जिससे घंटों यातायात ठप रहा। उधर, नाचनी में रामगंगा में चैनलाइज काम की अवधि शुक्रवार को पूरी हो गई है, लेकिन तेज बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी डायवर्जन का चार मीटर का हिस्सा बह गया है। इससे नदी एक बार फिर भैंसखाल गांव की ओर बहने लगी है।

लोहाघाट (चंपावत) में भी बारिश और अंधड़ की चपेट में आने से नगर क्षेत्र में कई देवदार के पेड़ गिर गए। इससे जहां मकानों को काफी क्षति पहुंची है, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग भी कुछ समय के लिए बाधित हुआ।

फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता दिखाते हुए पेड़ों का निस्तारण कर यातायात को सुचारु किया।
 

नैना देवी मंदिर परिसर के पास पॉपुलर का पेड़ गिरा

rain
नैनीताल में शनिवार सुबह मूसलाधार बारिश के दौरान नैना देवी मंदिर परिसर के पास पॉपुलर का पेड़ गिर गया।

इससे भैरव मंदिर और दशावतार मंदिर की सीढ़िया क्षतिग्रस्त हो गई। विकासखंड कोटाबाग के पर्वतीय क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला देवीपुरा-सौड़ मोटर मार्ग पर छड़ा पुल के पास सड़क पर मलबा, बोल्डर आ जाने के कारण यातायात पूर्ण रूप से बंद हो गया है। दो दिन से ग्रामीणों की फल, सब्जियां घरों में ही सड़ रही हैं।

चार दिन से डीडीहाट और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र धूल से सना हुआ था। शुक्रवार की शाम से बारिश शुरू होते ही आसमान से मटमैला पानी बरसने लगा। घर की छतें भी कीचड़ से पट गई हैं। 80 वर्षीय नैन सिंह बोरा ने कहा कि जिंदगी में ऐसी बारिश वह पहली बार देख रहे हैं। उन्होंने मटमैली बारिश पर चिंता जताई। 
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कल से मिल सकती है धूल और धुंध से राहत

धूलभरी आंधी ने किया बेहाल - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के लोगों को अगले 24 घंटों तक धूल और धुंध से राहत मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि, कल से धूल छंटनी शुरू हो जाएगी। वहीं, शनिवार सुबह राजधानी दून समेत आसपास के ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे पहले शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के कई इलाकों में तेज आंधी चलने से कई इलाकों में पेड़ गिरने के साथ ही बिजली के तार टूट गए। वहीं, मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। 

शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। साथ ही धूल और धुंध के चलते लोगों को सूरज के दर्शन नहीं हुए। धूप नहीं होने के कारण गर्मी और उमस से भी राहत मिली। दोपहर बाद हवाएं चलने से और राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान और पंजाब से लगातार हवाएं चल रही हैं, जो अपने साथ धूल लेकर आ रही हैं।

24 घंटे बाद इनके रुख में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद कल से धूल-धुंध में कमी आनी शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आज देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में बारिश की संभावना है।
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