चकराता। भारी बारिश के बीच बंद हुए मोटर मार्गों पर यातायात बहाल करना विभाग के लिए टेढी खीर साबित हो रहा है। छह दिन बाद भी क्षेत्र की 17 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। जिस कारण 60 से अधिक गांव का संपर्क अब भी अन्य जगहों से कटा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों के न खुलने से उनके घरों में अब राशन का संकट गहराने लगा है। साथ मार्ग नहीं खुलने से कृषि उत्पादन मंडी तक नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे उनकी आर्थिकी कमजोर होने लगी है। लोगों का कहना है कि आज जन्माष्टमी है। ऐसे में उन्हें घरों में कैद होकर त्योहार मनाना पड़ेगा।
मालूम को कि बीते शनिवार को क्षेत्र में झमाझम बारिश के बीच क्षेत्र की 32 से अधिक सड़कें बंद हो गई। जिनमें से अब भी 17 सड़कें बंद है। बीते बुधवार को विभाग ने कुछ सड़कों को खोलने का प्रयास किया था लेकिन, शाम को हुई झमाझम बारिश के बीच इस हिस्से फिर बंद हो गए। स्थानीय निवासी रमेश सिंह, सरदार सिंह, रमेश सिंह, रवि जोशी, भाव सिंह, भवानी सिंह, भगत सिंह आदि का कहना है कि सड़कों के बंद होने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। उन्हें मुख्य सड़क तक छह से सात किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। छात्रों को भी पैदल दूरी तय कर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है।
वहीं संपर्क करने पर तहसीलदार चकराता कुंवर सिंह नेगी ने बताया कि पीएमजीएसवाई और लोनिवि ने कुछ मार्ग आज शाम तक खोलने की बात कही है। छह संपर्क मार्गों पर 26 अगस्त तक ही यातायात बहाल हो सकेगा।
ये संपर्क मार्ग बंद
तहसीलदार कुंवर सिंह नेगी ने बताया कि पीएमजीएसवाई अंतर्गत बायला, हयो-टगरी, मागटी-पोखरी, कंधाड़, बानपुर, सिलिखड्ड-कुनैन मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आया हुआ है। कई जगहों पर भूस्खलन के कारण ये सड़कें पूरी तरह से ढह गई हैं। जिन्हें दुबारा बनाने का काम जारी है। ऐसे में इन हिस्सों पर 26 अगस्त तक ही यातायात बहाल हो सकेगा। रायगी-कुल्हा, लोखंडी-लोहारी, खमरोली, मगरोली, पुरटाड़, बाणा-चिल्हाड़, मंडोली मार्ग पर संभतव: देर शाम तक यातायात बहाल कर दिया जाएगा। शेष अन्य मार्गों को भी एक से दो दिन में खोल दिया जाएगा।