उत्तराखंड के रौंठिया गांव के ऊपर सड़क बनने से पत्थरों की बरसात हो रही है। इससे लोग परेशान हैं। रौंठिया गांव के ऊपर घेंघड़-रौंठिया-जवाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण हुआ है। मार्ग के लिए हिल कटिंग किए जाने वजह से गांव पर भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर समस्या के निराकरण की मांग की है।
भूस्खलन का खतरा
ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि रौंठिया गांव के ऊपर से पीएमजीएसवाई के तहत घेंघड़-रौंठिया-जवाड़ी मोटर मार्ग गुजर रहा है। हिल कटिंग के कारण गांव को भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है। पूर्व में निर्माण के वक्त ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था लोनिवि सिंचाई खंड से गांव के ऊपर पक्के पुश्ते और पानी की निकासी के लिए नालियों के निर्माण की मांग की थी, लेकिन समस्या हल नहीं हुई।
मलवा गावं के ऊपर डाला
विभाग ने कटिंग का मलबा अन्यत्र डंप करने के बजाय गांव के ऊपर डाल दिया। बरसात में यह मलबा गांव के लिए खतरा हो सकता है। गांव को बचाने के लिए पक्की दीवार और नालियों का निर्माण होना चाहिए। सड़क निर्माण से रौंठिया-जवाड़ी और पौरी-पिपली पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे लोग प्राकृतिक स्रोत के सीमित पानी से काम चला रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी, निवर्तमान ग्राम प्रधान लखणा देवी, पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह, रणजीत सिह सिंधवाल और शिवराज सिंह आदि शामिल थे।