समरजेंस मोटर मार्ग पर जगह-जगह टूटी सुरक्षा दीवारें, उबड़-खाबड़ सड़क और मलबे के ढेर हादसों को न्योता दे रहे हैं। 24 से अधिक गांव को आपस में जोड़ने वाले समरजेंस मोटर मार्ग पर सुरक्षा के नाम पर पैराफिट और रिफ्लेक्टर भी नहीं हैं। ऐसे हालातों में मार्ग पर सफर करते समय लोगों की सांसें अटकी रहती हैं।
सड़क पर मरम्मत कार्य नहीं होने से कई जगहों पर डेंजर प्वाइंट बन गए हैं। रात के समय इस सड़क पर सफर करना खतरों से खाली नहीं हैं। लोग लंबे समय से सड़क किनारे पैराफिट और रिफ्लेक्टर लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने अब तक सड़क की कोई सुध नहीं ली है। ग्रामीण दिनेश तोमर, गुमान सिंह तोमर, बलबीर सिंह, केशर सिंह, अतर सिंह, सूरत सिंह, जगत सिंह का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा कार्य नहीं होने से 10 माह पूर्व एक यूटीलिटी धिरोई गांव के पास खाई में जा गिरी थी। इससे एक महिला की मौत हो गई थी। कई जगह पर अब भी सड़क किनारे मलबे के ढेर लगे हुए हैं। इससे सड़क बेहद संकरी हो गई है। यह सड़क पर्यटन स्थल नागथात के साथ ही महासू मंदिर लखस्यार, धिरोई को भी आपस में जोड़ती है। बरसात में सड़क पर सफर करना और भी मुश्किल हो जाता है। हल्की सी बारिश में ही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी अब तक सड़क की सुध लेने नहीं पहुंचे हैं।
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यहां बने हैं डेंजर प्वाइंट
ग्रामीणों ने बताया कि मुंशी गांव, खुन्ना बैंड, क्वासा गांव, अनियाधार, मुंधान और डाबरा गांव के पास सड़क के बेहद संकरा होने के कारण डेंजर प्वाइंट बन गए हैं। यहां पर चालकों की छोटी सी गलती उन्हें मौत के मुंह में धकेल सकती है।
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सड़क से जुड़े हैं ये गांव
सड़क से लुहारना, मुंशीगांव, खुन्ना, कांडोई, रखताड़, ऊभऊ, मैसासा, क्यारी, सरियाना, चिला, लुधेरा, लक्सियार, खाड़ी, धिरोई, सिंगूूठा, थात कॉलोनी, चिचराड़, धिरोई, रामपुर, गड़ोल, कुन्ना, डाबरा, खाती समेत दो दर्जन से अधिक गांव की आबादी की आवाजाही जुड़ी हुई है।
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विभाग के पास बजट का अभाव है। सड़क पर पैराफिट निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही पैैराफिट निर्माण कार्य कराया जाएगा।
-डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि साहिया