चीन और नेपाल सीमा से सटे राज्यों में कमजोर सड़क नेटवर्क को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी भारत माला परियोजना तैयार की है।
इसके तहत उत्तराखंड के चीन और नेपाल से सटे संवेदनशील सीमांत इलाकों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे सैन्य बलों को सीमांत इलाकों तक रसद और संसाधनों की पहुंच आसान हो जाएगी।
चीन सीमा से लगते राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल से सुदूर पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सबसे बड़ा हिस्सा लगभग तीन सौ किलोमीटर उत्तराखंड में निर्मित होगा। सामरिक महत्व की उत्तराखंड में निर्माणाधीन 19 सड़कें भी नेटवर्क से जुड़ेंगी।
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क नेटवर्क की तर्ज पर अब केंद्रीय भूतल परिवहन एवं हाईवे मंत्रालय ने पांच हजार किलोमीटर लंबी भारत माला परियोजना तैयार की है। परियोजना में सभी सीमांत राज्यों (चीन, नेपाल, पाकिस्तान, बंगलादेश, भूटान से सटे) को एक सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
यह परियोजना तटीय सीमा वाले राज्यों को इस कॉरिडोर से जोड़ेगी। सड़कें वहां बनेंगी जहां पहले से कोई सड़क मौजूद नहीं है। अगर सीमांत क्षेत्रों में सड़कें मौजूद हैं वहां पर छूटे हुए हिस्से योजना के तहत बने कॉरिडोर से जुड़ेंगे।