साहिया-समाल्टा मोटर मार्ग पर साहिया बाजार से पाटन तक भू-धंसाव से क्षतिग्रस्त सड़क तीन साल बाद भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। करीब 300 मीटर लंबे इस हिस्से पर सड़क ऊबड़-खाबड़ होने और कीचड़ के कारण 15 से अधिक गांवों के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सालों से लोनिवि की इस अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है।
जुलाई 2023 में आई भारी आपदा के दौरान भू-धंसाव के कारण साहिया बाजार से पाटन तक का करीब 300 मीटर हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। तीन साल बीतने के बावजूद अब तक न तो सड़क को ठीक किया गया और न ही इसे पक्का करने की जहमत उठाई गई। इस हिस्से में चिकनी मिट्टी होने के कारण हल्की बारिश में ही पूरी सड़क कीचड़ से पट जाती है। राजकीय इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार कीचड़ के कारण उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
इन गांवों के लोग झेल रहे परेशानी
स्थानीय निवासी गंगा सिंह चौहान, गोपाल सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, आनंद सिंह तोमर और विक्रम सिंह रावत ने बताया कि यह मार्ग खत सैली क्षेत्र की लाइफलाइन है। इसी मार्ग से पाठन, ददोली, समाल्टा, दातनु, बडनु, मलेथा, चामड़ी, बराड़, माटला, झूसोऊ, भाकरोऊ, थैत्यो, बमराड़, पानुवा, मसराड़, डामटा, पाटा, फटेऊ और इच्छला सहित 15 से अधिक गांवों की रोजमर्रा की आवाजाही होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों से सड़क मरम्मत की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने जल्द समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए पूर्व में भी एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी तक धनराशि स्वीकृत नहीं हुई है। अब दोबारा एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है। बजट मिलते ही सुधारीकरण का काम शुरू करा दिया जाएगा। - अनुज भारद्वाज, अधिशासी अभियंता, लोनिवि अस्थायी खंड, साहिया।