जिलावार सड़क हादसों की संख्या
| जिला |
2021 |
2022 |
प्रतिशत बढ़ोतरी या कमी |
| देहरादून- |
365 |
465 |
27.40 |
| ऊधमसिंह नगर |
361 |
419 |
16.07 |
| हरिद्वार |
354 |
370 |
4.52 |
| नैनीताल |
177 |
246 |
38.98 |
|
टिहरी
|
32 |
40 |
25 |
| पौड़ी |
33 |
26 |
21.21 |
| चंपावत |
11 |
25 |
127.27 |
| उत्तरकाशी |
17 |
25 |
47.06 |
| पिथौरागढ़ |
12 |
16 |
33.33 |
| अल्मोड़ा |
21 |
13 |
38.10 |
| चमोली |
04 |
12 |
200 |
| रुद्रपयाग |
09 |
11 |
22.22 |
| बागेश्वर |
09- |
06 |
33.33(कमी) |
चंपावत में 600 प्रतिशत बढ़ी मृतकों की संख्या
चंपावत जिले में 2021 के मुकाबले 2022 में 625 प्रतिशत से अधिक लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाईं। 2021 में यहां चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2022 में संख्या बढ़कर 29 पहुंच गई। वहीं, 2021 में हादसों में 14 लोग घायल हुए, जबकि 2022 में यह आंकड़ा 235 प्रतिशत बढ़कर 47 हो गया। उत्तरकाशी में 2021 में 20 लोगों की मौत हुई थी जो 2022 में संख्या बढ़कर 62 यानी 210 प्रतिशत अधिक रही। पौड़ी में 2021 में 19 और 2022 में 56 (194 फीसदी अधिक) लोगों की मौत हुई।
सात साल में सबसे ज्यादा सड़क हादसे
वर्ष हादसे मृतक
2016 1591 962
2017 1603 942
2018 1468 1047
2019 1353 886
2020 1041 674
2021 1405 820
2022 1674 1042
चमोली में 1500 प्रतिशत बढ़े घायल
| जिला |
2021 के घायल |
2022 के घायल |
| देहरादून |
247 |
369 |
| ऊधमसिंह नगर |
235 |
342 |
| हरिद्वार |
287 |
309 |
| नैनीताल- |
141 |
199 |
| टिहरी- |
29 |
136 |
| पौड़ी |
39 |
60 |
| चंपावत- |
14 |
47 |
| उत्तरकाशी- |
19 |
76 |
| पिथौरागढ़- |
11 |
14 |
| अल्मोड़ा- |
41 |
30 |
| चमोली |
01 |
16 |
| रुद्रप्रयाग |
09 |
09 |
| बागेश्वर |
18 |
06 |
पर्वतीय राज्यों में सुरक्षित वाहन संचालन के लिए जारी होगी एसओपी
हिमालयी राज्यों में वाहन संचालन के लिए अब एसओपी जारी होगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। एसओपी के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव से सड़क हादसों, उनकी जांच रिपोर्ट और सुरक्षा उपायों की जानकारी मांगी गई है।
एनडीएमए एसओपी तैयार कर रहा
एनडीएमए ने यह स्वीकार किया है कि पर्वतीय मार्गों पर वाहन संचालन काफी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही सुरक्षा उपायों की कमी भी सड़क हादसों की वजह बन रही है। इस लिहाज से हिमालयी राज्यों में वाहन संचालन के लिए एनडीएमए एसओपी तैयार कर रहा है।
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सभी पर्वतीय मार्गों पर एसओपी के हिसाब से ही वाहन संचालन का रास्ता तैयार होगा। एनडीएमए के सदस्य सचिव प्रभारी कमल किशोर की ओर से मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू को पत्र मिला है। इस पत्र में कहा गया है कि हिल एरिया में वाहन संचालन की एसओपी के लिए राज्य स्थापना से लेकर अब तक हुए सड़क हादसों, उनकी इंक्वायरी रिपोर्ट और हादसों के कारण व निवारण के सुझाव दिए जाएं।