राजधानी में रविवार को हुई भारी बारिश के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण संतला देवी मंदिर के पास नदी के बीच बने टापू पर सात लोग फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते राहत दल के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।
बारिश के कारण मालदेवता, सहस्रधारा, संतला देवी और शहर के बाहरी इलाकों से होकर गुजरने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। बताया जा रहा है कि संतला देवी के पास स्थित एक टापू पर पिकनिक मनाने के लिए गए सात लोग फंस गए। ये लोग बल्लीवाला और बसंत विहार क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस, एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों ने दो घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित बचा लिया। कैंट थाना प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि लोगों के फंसे होने की सूचना मिलते ही तुंरत पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। एसडीआरएफ और फायर विभाग की टीम के साथ समन्वय कर सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
उधर, आईटी पार्क के पास सड़क पर बरसाती पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि वहां से गुजर रही एक बाइक और स्कूटी बहते-बहते बची। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत वाहन चालकों की मदद की और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। तेज बहाव के चलते कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। लगातार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों की ओर न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
तेज बहाव के कारण बेहद कठिन था टीम का टापू तक पहुंचना
रेस्क्यू करने के लिए घटनास्थल पर पहुंची टीमों की पहली चुनौती बारिश की मिली। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी का जलस्तर एवं बहाव अत्यधिक बढ़ चुका था। चारों ओर से उफनती धारा से घिरे सभी व्यक्ति नदी के बीच बने टापू पर फंस गए थे और किसी भी प्रकार स्वयं सुरक्षित बाहर निकल पाना संभव नहीं था। परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ टीम ने सिविल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर बिना देरी किए रेस्क्यू शुरू किया। तेज बहाव, फिसलनयुक्त तट एवं प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने सूझबूझ एवं साहस का परिचय देते हुए विशेष रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से सभी सात व्यक्तियों तक सुरक्षित पहुंच बनाई। सुनियोजित एवं जोखिमपूर्ण अभियान के दौरान सभी व्यक्तियों को एक-एक कर सुरक्षित नदी से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इन्हें किया रेस्क्यू
1. मुकेश पुत्र श्री महादेव, निवासी बल्लीवाला, उम्र 35 वर्ष।
2. सुशील पुत्र श्री इंद्रदेव, निवासी सीमा द्वार, उम्र 36 वर्ष।
3. प्रेम कुमार पुत्र श्री महेंद्र, निवासी सीमा द्वार, उम्र 27 वर्ष।
4. रोशन गुप्ता पुत्र श्री जनार्दन गुप्ता, निवासी सीमा द्वार, उम्र 32 वर्ष।
5. राजीव पुत्र श्री महेंद्र सिंह, निवासी सीमा द्वार, उम्र 30 वर्ष।
6. पवन सिंह पुत्र श्री इंद्रदेव, निवासी सीमा द्वार, उम्र 25 वर्ष।
7. सूरज साहनी पुत्र श्री सिताराम साहनी, निवासी सीमा द्वार, उम्र 30 वर्ष।