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गंगा की धाराओं में लहराने को हो जाएं तैयार

Mon, 16 Sep 2013 04:27 PM IST
अमर उजाला, ऋषिकेश
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ऋषिकेश में रीवर राफ्टिंग का नया सत्र शुरू हो गया है। रविवार को विधि विधान से हवन, यज्ञ और गंगा माता पूजन के साथ नए सत्र का शुभारंभ किया गया।
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क्षेत्रीय विधायक सुबोध उनियाल ने हरी झंडी दिखाकर राफ्टों को गंगा में रवाना किया। हालांकि पर्यटक मंगलवार से ही राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकेंगे।

रविवार को तपोवन स्थित गंगातट नीमबीच पर आयोजित राफ्टिंग के नए सत्र की शुरुआत पर आयोजित कार्यक्रम में राफ्टिंग कंपनियों के प्रतिनिधि और गाइड शामिल हुए। मुख्य अतिथि विधायक सुबोध उनियाल ने व्हाइट वाटर राफ्टिंग, कयाकिंग आदि साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को प्रदेश की आर्थिक स्थिति और पर्यटन गतिविधियों के विकास में महत्वपूर्ण बताया।

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उन्होंने कहा कि यहां राफ्टिंग गतिविधियों से ही टिहरी गढ़वाल की दोगी पट्टी के कई युवाओं को स्वरोजगार मिला है। उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा राफ्टिंग कंपनियों के उपकरणों की जांच, गाइडों की तैराकी दक्षता आदि परीक्षण को सही बताया।
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उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों को पर्यटन विभाग से राफ्टिंग गतिविधियों के लिए निर्धारित मानकों का तीन चरणों में जांच और वन विभाग से जल्द अनुमतिपत्र दिलाए जाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने केरल प्रांत में आयोजित मालाबार रीवर फेस्टिवल में आयोजित प्रतियोगिता में क्षेत्र के गाइडों में अव्वल रहे अयोध्या प्रसाद कोठियाल, ऋषि राणा, भूपेंद्र और संजय को सम्मानित किया।

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इस अवसर पर सभी कंपनियों की राफ्टों ने नीमबीच से खारास्रोत मुनिकीरेती तक रेकी राफ्टिंग की। समारोह में उत्तरांचल फाइनेस्ट आउटडोर के अध्यक्ष राजीव तिवाड़ी, किरन भट्ट, देवेंद्र रावत, अनिरुद्ध रावत, भूपेंद्र नौटियाल, प्रदीप मदेसिया, धर्मेंद्र नौटियाल, दिलवर भंडारी, प्रभु, जसविंदर सिंह, दिनेश कौशल, बलदेव राणा, संजीव कुमार, सुखवीर गुसाई, विवेक मदेसिया आदि मौजूद रहे।

कल से ले सकेंगे राफ्टिंग का लुत्फ
यूएफओ के अध्यक्ष राजीव तिवाड़ी ने बताया कि पितृपक्ष के चलते रविवार को शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजन से राफ्टिंग के नए सत्र की शुरुआत की है। वन विभाग द्वारा कंपनियों को अनुमतिपत्र दिए जाने के बाद मंगलवार से विधिवत पर्यटकों के लिए गंगा में राफ्ट उतारी जाएंगी।

फिलहाल राफ्टिंग ब्रह्मपुरी से मुनिकीरेती तक की जाएगी। इसके बाद शिवपुरी, कौडियाला और देवप्रयाग से भी संचालन किया जाएगा।

दुर्घटनाओं से लिया सबक
बीते राफ्टिंग सत्र में राफ्टिंग के दौरान हुई दुर्घटनाओं से राफ्टिंग कंपनियों ने सबक लिया है। संचालकों की मानें तो इसके बाद दुर्घटनाओं की बारीकी से संज्ञान लेने के बाद विशेषज्ञों द्वारा गाइडों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए हैं। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आगे भी जारी रखे जाएंगे। जिसमें गाइडों को पर्यटकों की सुरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे।

बढ़ सकता है शुल्क
गंगा की लहरों में राफ्टिंग के शौकीनों को इस सीजन में थोड़ी जेब ढीली करनी पड़ सकती है। संचालकों की मानें तो डीजल की कीमत में हो रहे लगातार इजाफा और क्वालिटी राफ्टिंग के लिए लगभग 20 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए जाने की संभावना है। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

गाइडों में है जोश
जून में आई जलप्रलय के बाद से खाली बैठे गाइडों में नए राफ्टिंग सत्र को लेकर खासा उत्साह है। गंगा की तेज लहरों में राफ्टिंग के माहिर गाइडों को इस सत्र में नुकसान की भरपाई होने की पूरी उम्मीद है।
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गाइड उदय रावत, भूपेंद्र राणा, मुकेश जोशी, त्रिलोक रावत, मनोहर मेहरा ने बताया कि बीते जून माह में पीक सीजन में पखवाड़े भर पहले राफ्टिंग बंद हो जाने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया था। उम्मीद है कि इस बार नुकसान की भरपाई हो जाएगी।

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