इस कारण टिहरी झील में सेना की ट्रेनिंग भी बंद हो गई थी। राज्य सरकार, भारतीय सेना तथा टिहरी झील में बोट संचालकों की संस्था गंगा भागीरथी बोट समिति टिहरी ने कोर्ट में अलग-अलग प्रार्थना पत्र दाखिल किए थे।
आर्मी की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि टिहरी झील में सार्क देशों की ट्रेनिंग होनी है। अन्य प्रशिक्षण भी इस आदेश की वजह से रुक गए हैं। कोर्ट को बताया गया कि एक सितंबर को वाटर स्पोर्ट्स का गजट जारी कर दिया गया था।