सोमवार को बैसाखी स्नान प्रात:काल से प्रारंभ हो गए। लाखों श्रद्धालु गंगा मैया में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करेंगे।
मंगलवार को मेष संक्रांति के पुण्यकाल का स्नान दिनभर चलेगा। रविवार से धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और कथाएं प्रारंभ हो गए। रविवार को विभिन्न मार्गों से तीर्थयात्रियों का आगमन धर्मनगरी में होता रहा।
आने वाले श्रद्धालुओं में पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर के यात्रियों की संख्या सर्वाधिक है। हिमाचल प्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। बैसाखी का स्नान बहुत तड़के प्रारंभ हो जाएगा और पूरे दिन चलेगा। श्रद्धालु स्नानोपरांत अन्य धार्मिक कर्मकांड भी संपन्न कराएंगे।
सीमित रूप से प्रतिबंधित यातायात नियमों के बीच भारी भीड़ गंगानगरी में पहुंच रही है। श्रद्धालुओं में सड़कों पर जगह-जगह मुफ्त लंगर शुरू कर दिए हैं। आने-जाने वालों को प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। अनेक आश्रमों में प्रवचन शुरू हुए और पंडालों में कथाएं प्रारंभ हो गई।
कुछ मठों में मेष संक्रांति के हवनात्मक अनुष्ठान भी आरंभ हो गए हैं। इन अनुष्ठानों का समापन मंगलवार को तब होगा, जब भगवान भास्कर अपनी प्रथम राशि मेष में प्रविष्ठ होंगे। इस उपलक्ष्य में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान भी करेंगे